दुनिया का वो देश, जहां खाली पड़े है लाखों घर, मुफ्त में भी नहीं रहना चाहते लोग
दुनिया के कई बड़े शहरों में आज लोगों के लिए एक छोटा सा घर खरीदना या किराए पर घर लेना भी बेहद मुश्किल हो गया है. कहीं लोग महंगे किराए से परेशान हैं, तो कहीं जगह की इतनी कमी है कि लोग छोटे-छोटे कमरों में भी 4 से 5 लोग रहने को मजबूर हैं. लेकिन इसी दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां लाखों घर खाली पड़े हैं और सरकार खुद लोगों को वहां बसने के लिए बुला रही है. हैरानी की बात यह है कि मुफ्त में घर मिलने के बावजूद भी लोग वहां रहने के लिए तैयार नहीं हैं. दरअसल, यह मामला जापान का है, जो अपनी मॉडर्न तकनीक और अनुशासन से भरे जीवनशैली के लिए जाना जाता है. आज जापान एक अनोखी समस्या से जूझ रहा है, देश में करीब 90 लाख घर खाली पड़े हैं. इन घरों को वहां के लोगों के भाषा में ‘अकिया” कहा जाता है, यानी ऐसे घर जिनमें कोई रहने वाला नहीं है. ये घर पूरी तरह से बने हुए हैं और कई में बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद हैं, लेकिन लंबे समय से बंद रहने के कारण ये वीरान हो चुके हैं.
इन घरों के खाली होने की सबसे बड़ी वजह जापान की तेजी से घटती जनसंख्या है. लोग अब पहले की तरह शादी नहीं कर रहे हैं और बच्चे भी कम हो रहे हैं. इससे परिवार छोटे होते जा रहे हैं और कई घरों में रहने वाला कोई बच ही नहीं रहा है. इसके अलावा, युवा पीढ़ी गांवों और छोटे कस्बों को छोड़कर बड़े शहरों जैसे टोक्यो की ओर जा रही है, जहां नौकरी और बेहतर सुविधाएं मिलती हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जापान में कुल मकानों की संख्या 6 करोड़ से ज्यादा है, लेकिन इतने लोग नहीं हैं जो उनमें रह सकें. 2019 के बाद से खाली घरों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब यह आंकड़ा 90 लाख तक पहुंच चुका है. इनमें से लाखों घर किराए पर भी उपलब्ध हैं, लेकिन फिर भी कोई रहने को तैयार नहीं हो रहा है. जापान में एक ऐसा नियम भी है, जो इस समस्या को और बढ़ा देता है. अगर कोई व्यक्ति अपने पुराने घर को गिरा देता है, तो उसे उस जमीन पर ज्यादा टैक्स देना पड़ता है. इसी कारण लोग जर्जर घरों को तोड़ने के बजाय वैसे ही छोड़ देते हैं, जिससे वे धीरे-धीरे खंडहर बनते जा रहे हैं.
इन पुराने घरों की हालत बहुत दिनों से खाली रहने के वजह से खराब हो चुकी है. इन घरों को रहने लायक बनाने के लिए भारी खर्च करना पड़ता है. यही वजह है कि लोग सस्ते या मुफ्त में घर मिलने के बावजूद भी वहां बसने से बचते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए जापान सरकार ने “अकिया बैंक” नाम का प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसके तहत कई जगहों पर घर मुफ्त में या बहुत कम कीमत पर दिए जा रहे हैं. कुछ इलाकों में तो 100 वर्गमीटर का घर बेहद सस्ते में मिल जाता है. साथ ही, सरकार मरम्मत के लिए मदद भा करती है.
इतनी सुविधाओं के बावजूद लोग इन घरों में रहने के लिए तैयार नहीं हैं. इसका मुख्य कारण है इनका लोकेशन. ज्यादातर घर दूर-दराज के गांवों में हैं, जहां नौकरी, स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं सीमित हैं. इसलिए लोग यहां नहीं बसना चाहते है और ये घर खाली के खाली ही रह जाते हैं.
