8 kg की पगड़ी पहनकर गरबा खेलने पहुंचा कपल, लोग बोले सलाम

गुजरात के दाहोद में नवरात्रि के गरबा उत्सव के दौरान एक कपल अपनी अनोखी पगड़ियों की वजह से चर्चा में आ गया. आद्याशक्ति गरबा चौक में युवक ने 8 किलो और महिला ने 2 किलो वजन की पगड़ी पहनकर गरबा किया. इतनी भारी पगड़ियां पहनकर गरबा खेलने का उनका अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. लेकिन इन पगड़ियों के पीछे एक खास वजह भी थी. यह कपल भारतीय मूल के गुजराती पायलट स्मित की बहादुरी को सम्मान देना चाहता था.

हाल ही में दुबई की एक फ्लाइट में पायलट पर हमले की घटना सामने आई थी. इस दौरान भारतीय मूल के गुजराती पायलट स्मित ने हिम्मत दिखाई और फ्लाइट को सफलतापूर्वक लैंड कराया. इस घटना में उनकी सूझबूझ और बहादुरी की वजह से 174 लोगों की जान बचने की बात सामने आई. पायलट स्मित के इस साहस ने भारत का गौरव बढ़ाया.

इसी बहादुरी को सम्मान देने के लिए दाहोद के मारुति सोनी ने एक अनोखा तरीका चुना. उन्होंने ऐसी बड़ी और भारी पगड़ियां तैयार कीं, जिन्हें पहनकर कपल ने नवरात्रि के गरबा उत्सव में हिस्सा लिया. उनका मकसद गरबा के मंच से पायलट स्मित के साहस को सलाम करना था.

इस कपल की पगड़ियों की सबसे खास बात उनका वजन था. युवक ने 8 किलो वजन की पगड़ी पहनी, जबकि महिला की पगड़ी का वजन 2 किलो था. इतनी भारी पगड़ियां पहनकर गरबा करना आसान नहीं था, लेकिन कपल ने पूरे उत्साह के साथ गरबा किया. नवरात्रि के दौरान गरबा चौक पर रंग-बिरंगे कपड़ों और पारंपरिक वेशभूषा के बीच इन बड़ी पगड़ियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. जैसे ही कपल ने पगड़ियां पहनकर गरबा चौक में प्रवेश किया, वे वहां मौजूद लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बन गए.

दाहोद के इस कपल ने नवरात्रि के पावन अवसर पर कला, परंपरा और देशभक्ति का अनोखा मेल पेश किया. आमतौर पर गरबा उत्सव में लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर नृत्य करते हैं, लेकिन इस कपल ने अपनी वेशभूषा को एक खास संदेश से जोड़ दिया. पायलट स्मित की बहादुरी को सम्मान देने के लिए तैयार की गई इन पगड़ियों ने गरबा उत्सव को एक अलग पहचान दी. युवक की 8 किलो और महिला की 2 किलो की पगड़ी ने लोगों को हैरान किया, वहीं इसके पीछे छिपे सम्मान के भाव ने इस प्रस्तुति को खास बना दिया.

दाहोद के आद्याशक्ति गरबा चौक में इस कपल की प्रस्तुति ने दिखाया कि किसी की बहादुरी की तारीफ करने के लिए केवल शब्दों की जरूरत नहीं होती. अपनी कला और परंपरा के जरिए भी सम्मान जताया जा सकता है. नवरात्रि के उत्सव में इस कपल ने गुजराती पायलट स्मित के साहस को याद करते हुए एक अनोखा उदाहरण पेश किया.