COVID symptoms in kids:बच्चों में बढ़ा कोरोना का खतरा, इन 7 लक्षणों को ना करें नजरअंदाज

राष्ट्रीय

दुनियाभर में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं. भारत में भी कोरोना के नए XE वेरिएंट बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के दो हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं. कोरोना की बाकी लहरों में बच्चों पर इसका ज्यादा गंभीर नहीं था लेकिन अब बच्चे भी नए XE वेरिएंट की चपेट में आ रहे हैं. खासतौर से स्कूल खुलने के बाद से इन मामलों बढ़ोतरी की और संभावना जताई जा रही है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में बच्चों में फ्लू जैसे लक्षणों में बढ़ोतरी नजर आई है. ऐसे में अगर बच्चे को कोरोना वायरस होता भी है तो भी माता-पिता को इसके लिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बच्चों में कोरोना के लक्षण काफी माइल्ड है और समय पर इलाज करवाने से बच्चे जल्दी ठीक भी हो रहे हैं. हालांकि इन लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी है.

बच्चों में कोरोना के XE वेरिएंट के लक्षण- XE वेरिएंट को कोविड -19 के पिछले वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को इस नए वेरिएंट के संक्रमण से बचाकर रखा जाए. बच्चों में ये लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

-बुखार
– नाक बहना
– गले में दर्द
– शरीर में दर्द
– सूखी खांसी
– उल्टी आना
– लूज मोशन

बच्चों को हो रहा मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम- हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना के इस नए वेरिएंट से संक्रमित बच्चों को शरीर में सूजन भी हो सकती है, इस सूजन का सामना बच्चों को कई हफ्तों तक करना पड़ सकता है. बच्चों के शरीर में सूजन की इस स्थिति को मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) कहा जाता है. इसके आम लक्षणों में बुखार, गर्दन में दर्द, रैशेज होना, उल्टी या दस्त, आंखें लाल होना, थकान महसूस होना, होंठ फटना, हाथ-पैरों में सूजन, गले में सूजन और पेट दर्द हैं. एक्टपर्ट्स का कहना है कि अगर आपके बच्चे में ऐसा कोई भी लक्षण नजर आता है तो आपको तुंरत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

क्या होता है मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C)- बच्चों में मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन हो सकती है, जिसमें हृदय, फेफड़े, गुर्दे, मस्तिष्क, त्वचा, आंखें या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल शामिल हैं. अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि MIS-C का सही कारण क्या है. ऐसे में इसके परिणाम गंभीर और घातक भी हो सकते हैं. ज्यादातर बच्चों में COVID-19 की वजह से ही MIS-C के लक्षण पाए जा रहे हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार सही समय पर इलाज मिल जाए तो बच्चे MIS-C सिंड्रोम से ठीक भी हो सकते हैं.

बच्चों को कोरोना से बचाने के उपाय- कोविड 19 से बचने के लिए बच्चों में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें. उनमें नियमित रूप से हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोने की आदत डालें. बच्चों को बाहर कम निकालें और संक्रमित व्यक्ति के करीब बिल्कुल ना जाने दें. शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सही खानपान का ध्यान रखें. अगर बच्चा वैक्सीनेशन के योग्य है तो जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं.