गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर कौन, जिनकी मौत पर मथुरा में महासंग्राम, किसने की हत्या ?
मथुरा आस्था की धरती है यहां श्री कृष्ण की भक्ति में लोग दूर-दूर से खीचे चले आते हैं. लेकिन ईद के दिन जो हुआ उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. आज आस्था की धरती मथुरा में यहां सन्नाटा नहीं, सुलगता गुस्सा है. वजह है ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौरक्षक संत चंद्रशेखर की मौत. सवाल कई हैं- मौत कैसे हुई? हादसा या हत्या? और अगर हत्या है तो किसने और क्यों? इन सवालों के बीच सड़कों पर उबाल है. दिल्ली-आगरा हाईवे ठप है और हजारों लोग जमा हैं. गाड़ियों की लंबी कतारें हैं और माहौल हर पल तनावपूर्ण होता जा रहा है. सुबह के अंधेरे में हुई एक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है. गौतस्करों का पीछा करते हुए बाबा की मौत ने सिर्फ एक जान नहीं ली, बल्कि एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लिया है उन्होंने कहा है कि आरोपियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. सीएम ने अफसरों को दिए कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
घटना के बाद से हालात तेजी से बिगड़े हैं. लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है. आरोप है कि गौतस्करों ने बाबा को कुचलकर मार दिया. एक आरोपी पकड़ा गया है, लेकिन तीन अब भी फरार हैं. इसी बीच गौरक्षकों ने हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जताई. हालात इतने बिगड़े कि पथराव तक हो गया. पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पूरा इलाका छावनी में बदल गया है और हर कोई जानना चाहता है आखिर ‘फरसा वाले बाबा’ कौन थे और उनकी मौत के पीछे की असल कहानी क्या है?
मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास यह घटना तड़के करीब 4 बजे हुई. बताया जा रहा है कि बाबा चंद्रशेखर बाइक से गौतस्करों का पीछा कर रहे थे. इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.
स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन अन्य मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. लेकिन गिरफ्तारी में देरी और घटना की गंभीरता को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ता गया. यही गुस्सा हाईवे जाम और हिंसक प्रदर्शन में बदल गया.
घटना के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया. सैकड़ों वाहन फंस गए और यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस बीच पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं हो रहा.
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कई पुलिसकर्मी घायल हुए और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है.
घटना ने मथुरा-वृंदावन जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. संत समाज में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है.
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आरोपियों को जल्द पकड़ना है. आने वाले समय में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बन चुका है.
