शाह बोले- आदिवासी महिलाओं को गाय-भैंस देंगे, कहा- बस्तर में डेयरी नेटवर्क बनेगा, नक्सल खात्मे का टारगेट पूरा

जगदलपुर के निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26 वीं बैठक संपन्न हुई. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की. बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत चारों राज्यों के मुख्य सचिव शामिल हुए. बैठक में चारों राज्यों के डेवलपमेंट पर चर्चा हुई. बैठक में चारों राज्यों में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी मंथन किया गया.

क्षेत्रीय मध्य परिषद की बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए बस्तर के विकास का खाका मीडिया के सामने रखा. अमित शाह ने कहा, ”31 मार्च 2026 के बाद मैं पहली बार बस्तर आया हूं. यहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक थी. कल से मैं यहां पर हूं. हर जगह बस्तर की जनता में उत्साह और विश्वास नजर आ रहा है. भय का माहौल और बंदूकों के साए में जीवन जीने का समय अब खत्म हो चुका है. बस्तर अब विकास की सांस ले रहा है. बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है.”

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ”13 दिसंबर 2023 को छत्तीसढ़ में बीजेपी की सरकार बनी. यहां पर विष्णु देव जी की सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू हुआ. इसके पहले जो कांग्रेस की सरकार थी उसने हमारी मदद नहीं की. नक्सलवाद के खात्मे में योगदान नहीं दिया.”

अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान तीन अहम तारीखों का भी जिक्र किया. शाह ने कहा कि ये तीन तारीखें ऐसी हैं जिन तारीखों के बीच हमने बस्तर के विकास और नक्सलवाद के अंत की लक्ष्मण रेखा खीची.

24 अगस्त 2024: सभी राज्यों के डीजी के साथ हमने बैठक की. इस बैठक में हमने तय किया कि 31 मार्च 2026 को भारत से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देंगे.

31 मार्च 2026: बस्तर में तैनात वीर जवानों और बस्तर की जनता के सहयोग से हमने अपने तय लक्ष्य को हासिल किया. आज हम नक्सलमुक्त भारत और बस्तर में खड़े हैं. इसके पीछे हजारों जवानों और लोगों की शहादत है.

19 मई 2026: नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर को बाकी राज्यों की तरह विकसित किया जाए इसके लिए ग्रास रूट लेवल पर विकास के कामों को लॉन्च किया गया.आज यहां से विकसित बस्तर के सूर्योदय की शुरूआत हो रही है.

अमित शाह ने कहा कि बस्तर केरल जितना बड़ा है लेकिन समस्या उतनी भी जटिल थी. इस समस्या को सुलझाने के लिए हमने 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए.अब बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है. अब 200 में से 70 कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में परिवर्तित करेंगे. सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी के घर तक ले जाएंगे. सेवा डेरा के जरिए बैंकिंग की सुविधा मिलेगी. राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ मिलेगा.

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, सेवा डेरा के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. आंगनबाड़ी की सुविधा भी सेवा डेरा के जरिए मिलेगी. विकास के सभी काम एक जगह पर उपलब्ध होंगे. 50 साल से जो सुविधाएं बस्तर के लोगों को नहीं मिली थी, उसे हम यहां पहुंचाएंगे. आर्थिक गतिविधियों का केंद्र इस सेवा डेरा को बनाएंगे. सिलाई प्रशिक्षण, इमली प्रोसेसिंग का काम भी यहां सिखाया जाएगा. विकास की भागीदारी में महिलाओं की अहम भूमिका होगी.

अमित शाह ने कहा कि गांव में डेयरी उद्योग खड़ा किया जाएगा. हर आदिवासी महिला को पशु (एक गाय एक भैंस) दिया जाएगा और उनके दूध को डेयरी के जरिए खरीदा जाएगा. कॉपरेटिव तरीके से इस दूध को बेचा जाएगा. इसके लिए केंद्र स्तर पर तैयारी की गई है. अगले छह महीने में डेयरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा. पहले जहां बंदूक के साये थे वहां पर विकास का काम शुरू होगा. नक्सल आंदोलन के चलते जहां विकास नहीं हुआ उसे पूरा किया जाएगा.

अमित शाह ने कहा कि हम गांव गांव तक बिजली और पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं.वन उपज को कॉपरेटिव तरीके से डेवलप करेंगे उसका फायदा आदिवासियों को मिले ये सुनिश्चित करेंगे.शाह ने कहा कि मोदी जी खुद बस्तर के विकास को लेकर सक्रिय हैं.