इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग, दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज से 20 मिनट में ₹60,000 करोड़ चोरी

दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस हैक हो गया है। इसे इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग माना जा रहा है। कंपनी ने निकासी पर रोक लगा दी है। यानी, सुरक्षा जांच पूरी होने तक बाइनेंस अकाउंट में मौजूद पैसा या क्रिप्टो बाहर नहीं निकाला जा सकता है। इस हैकिंग में साइबर हमलावरों ने बाइनेंस के ट्रांजैक्शन वॉलेट्स से महज 20 मिनट में 6.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 60,000 करोड़ रुपए के क्रिप्टो एसेट्स चुरा लिए। घटना के बाद बिटकॉइन समेत कुछ अन्य क्रिप्टो में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म TRM लैब्स के मुताबिक इस हैकिंग के पीछे नॉर्थ कोरिया का हाथ है। क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल पैसा है, जिसे ऑनलाइन खरीदा-बेचा जा सकता है। इसे कोई सरकार या बैंक जारी नहीं करता, बल्कि यह ब्लॉकचेन तकनीक से चलता है।

बाइनेंस के डिजिटल लॉकर में सेंध लग गई है। किसी हैकर ने बाइनेंस के सुरक्षा तंत्र को तोड़कर उसके सिस्टम में घुसपैठ की और हजारों करोड़ रुपए के क्रिप्टो कॉइन्स चुरा लिए। साइबर हमला भारतीय समय के अनुसार शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे के आसपास हुआ। हमलावरों ने ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाले बाइनेंस के वॉलेट्स को निशाना बनाया।

कंपनी ने तुरंत 3 बड़े कदम उठाए हैं

निकासी पर तुरंत रोक लगाई: जैसे ही सेंधमारी का पता चला, बाइनेंस ने ग्राहकों के पैसे निकालने पर तुरंत रोक लगा दी, ताकि चोर और पैसे न निकाल सकें। कंपनी का कहना है कि विड्रॉल पर लगी रोक को अगले 45 घंटों में हटाने का लक्ष्य है।
भरपाई की गारंटी दी: बाइनेंस ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा सुरक्षित है। अगर जांच में ग्राहकों का कोई नुकसान साबित होता है, तो कंपनी उसकी भरपाई करेगी।
जांच शुरू की: कंपनी की सुरक्षा टीमें अंतरराष्ट्रीय पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर हैकर्स का पता लगाने में जुटी हैं। चोरों के रास्तों को बंद कर दिया है।