गुजरात में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत, 30 अस्पताल में भर्ती

गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 30 अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए अब तक 12 संदिग्ध बूटलेगरों को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, प्रभावित लोगों ने एक लोकप्रिय Indian Made Foreign Liquor (IMFL) ब्रांड की नकली बोतलों में भरी शराब का सेवन किया था. इसके बाद कई लोगों की तबीयत खराब होने लगी. शुरुआती जांच में शराब में जहरीले केमिकल की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है.

मामला भावनगर जिले के खरकड़ी गांव से सामने आया, लेकिन बाद में पता चला कि जहरीली शराब पीने से प्रभावित लोग दूसरे गांवों और भावनगर शहर के कुछ इलाकों से भी हैं. जिला प्रशासन को मंगलवार शाम करीब 6 बजे सूचना मिली थी कि पांच दोस्तों का एक समूह शराब पीने के बाद अचानक बीमार पड़ गया.

इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की. जांच आगे बढ़ने पर ऐसे और लोगों का पता चला, जिन्होंने कथित तौर पर उसी तरह की नकली बोतल से शराब पी थी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरवी असारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की जहरीली और केमिकल युक्त शराब पीने के बाद मौत हुई थी. शुरुआत में इस मामले में आकस्मिक मौत का केस दर्ज किया गया था. बाद में जांच आगे बढ़ने पर 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों का कहना है कि नकली शराब तैयार करने, उसे बोतलों में भरने और अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने बताया कि पीड़ितों की मेडिकल जांच में एक समान पैटर्न सामने आया. ज्यादातर प्रभावित लोगों ने कथित तौर पर नकली शराब की बोतलों से शराब पी थी.

पुलिस ने बूटलेगरों के पास से इसी ब्रांड की कई नकली बोतलें भी बरामद की हैं. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इन बोतलों को कहां तैयार किया गया और भावनगर तक इन्हें किस माध्यम से पहुंचाया गया.

प्रारंभिक जांच में नकली शराब की बोतलों की सप्लाई मध्य प्रदेश से होने की आशंका सामने आई है. हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि वहां से ये बोतलें वास्तव में किस स्थान से भेजी गईं और इनके निर्माण में कौन लोग शामिल थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट मॉनिटरिंग सेल की एक टीम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है.

बीमार लोगों के इलाज के लिए अहमदाबाद के दो अस्पतालों से डॉक्टरों की टीमें भावनगर पहुंचाई गई हैं. निजी अस्पतालों में चल रहे फ्री ट्रीटमेंट कैंप की निगरानी भी विशेषज्ञ डॉक्टर कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रभावित मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. वहीं, पुलिस नकली शराब के बाकी स्टॉक की तलाश में भी छापेमारी कर रही है, ताकि इसे और लोगों तक पहुंचने से रोका जा सके.