दिल्ली में रावण के साथ कॉकरोच का पुतला जलेगा, इंदौर में 111, कोटा में 105 फीट ऊंचा रावण

देशभर में आज दशहरा मनाया जाएगा। इंदौर में 111 फीट, कोटा और भोपाल में 105-105 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। रायपुर और उज्जैन में 101-101 फीट के पुतले जलाए जाएंगे। दिल्ली में रावण के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच भी जलेगा। देश में रावण दहन की परंपरा 200 साल से भी पुरानी है। मान्यता है कि 17वीं शताब्दी में तुलसीदास के शिष्य मेघा भगत ने वाराणसी में रामलीला शुरू की थी। हालांकि, ऐतिहासिक प्रमाण 1834 के ब्रिटिश कलाकार जेम्स प्रिन्सेप के एक चित्र में मिलता है।

इसमें रामनगर में बनारस के राजा के सामने रामलीला का आयोजन और रावण दहन को दिखाया गया है। यह चित्र लंदन की ब्रिटिश लाइब्रेरी में मौजूद है। मध्य प्रदेश में इंदौर में 111 फीट, भोपाल के कोलार में 105 फीट और उज्जैन में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। इंदौर में 250 फीट लंबी लंका और डेढ़ घंटे की आतिशबाजी आकर्षण होगी। भोपाल में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बनाने में करीब 20 लाख रुपए खर्च हुए हैं।

उज्जैन में 45 मिनट आतिशबाजी होगी। मंदसौर में 80 फीट के रावण की आंखें झपकेंगी, गर्दन घूमेगी और तलवार वाला हाथ चलेगा। जबलपुर में 75 फीट और ग्वालियर में 65 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। ग्वालियर में राम जुलूस और 30 मिनट आतिशबाजी भी होगी।

कोटा में दशहरा मेले की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां 105 फीट ऊंचे रावण का पुतला बनाया गया है, जिसका वजन करीब 5 हजार किलो है। कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 70-70 फीट ऊंचे हैं।

आतिशबाजी पर 4 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं। मंगलवार शाम 5:30 बजे गढ़ पैलेस से लक्ष्मीनारायण जी की सवारी निकलेगी। यह दशहरा मैदान पहुंचेगी, जहां रावण दहन होगा।

रायपुर के WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। बोरियाखुर्द में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। इस बार पुतले बनाने की लागत में 15 से 20% की बढ़ोतरी हुई है। बांस, रंगीन कागज, कपड़े, पेंट और सजावट के दूसरे सामान की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ी है।

कारीगर विक्रम नेताम का परिवार करीब 50 साल से पुतले बना रहा है। उनके मुताबिक, 28 फीट ऊंचे रावण के पुतले की कीमत 30 से 32 हजार रुपए तक है। देवनगर चौक पर पुतले बेचने वाली कविता पिछले 15-16 साल से यह काम कर रही हैं। उनके यहां 1 से 20 फीट तक के पुतले मिलते हैं।