धुआं-धुआं सा दिल्ली-NCR… पूरे दिन स्मॉग से बुरा हाल, बढ़ा रहा AQI
दिल्ली की ठंड और गर्मी दोनों अपने कहर के जानी जाती हैं. हालांकि, मौजूदा वक्त बसंत का है और शहर में गर्मी की आहट महसूस की जा रही है. इसी बीच, अचानक धुंध की वापसी हो गई, जो बिल्कुल उसी तरह नजर आ रही है, जैसी स्थिति कड़ाके की ठंड में होती है. दिल्ली-NCR में छाई घनी धुंध ने सोशल मीडिया पर अटकलों को हवा दे दी है. कुछ यूज़र्स का दावा है कि यह रिफाइनरी स्ट्राइक और ईरान के कुछ हिस्सों में हुई ‘पेट्रोल रेन’ से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, मौसम के जानकारों का मानना है कि उत्तर भारत में इस घटना का एक ज़्यादा लोकल और जाना-पहचाना कारण है, जो आस-पास के सूखे इलाकों से तेज़ हवाओं के साथ आने वाली धूल से जुड़ा है.
धूल के कण भूरे या ग्रे रंग की धुंध बनाते हैं, जिससे विज़िबिलिटी कम हो जाती है और आसमान धुंधला दिखता है. हालांकि, ऐसी धुंध पॉल्यूशन स्मॉग जैसी हो सकती है, लेकिन यह ज़्यादातर इंडस्ट्रियल एमिशन के बजाय नैचुरल मिनरल डस्ट से बनी होती है. हाल के दिनों में फैली अफवाहों में दावा किया गया कि यह धुंध ईरान में रिफाइनरी स्ट्राइक से निकले धुएं या केमिकल फॉलआउट से जुड़ी हो सकती है. यह भी दावा किया गया है कि इस इलाके में ‘पेट्रोल रेन’ असामान्य एटमोस्फेरिक कंडीशन के लिए ज़िम्मेदार थी.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दावे साइंटिफिक रूप से गलत हैं. पलावत ने कहा, “ईरान में रिफाइनरी स्ट्राइक से निकले धुएं के इतनी लंबी दूरी तय करने और सीधे दिल्ली पर धुंध बनाने का कोई मौसम संबंधी रास्ता नहीं है. एटमोस्फियर और मौजूदा हवा की दिशाएं ऐसी स्थिति का समर्थन नहीं करती हैं.”
