दिल्ली विधानसभा में आवारा गायों के मुद्दे पर चर्चा AAP विधायक बोले- चुल्लू भर गोमूत्र में डूब जाएं BJP नेता

राष्ट्रीय

दिल्ली विधानसभा में सड़कों पर नज़र आने वाली आवारा गायों के मुद्दे पर चर्चा हुई. इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक भावना गौड़, संजीव झा, रोहित मेहरौलिया और वंदना कुमारी ने सदन में भाजपा शासित नगर निगम पर सवाल खड़े करते हुए गायों की मौत का मामला उठाया है. इस दौरान AAP विधायकों ने MCD और BJP पर गायों के चारे के लिए फंड जारी न करने का आरोप भी लगाया है.

त्रिलोकपुरी से AAP विधायक रोहित मेहरौलिया ने कहा कि BJP नेताओं को चुल्लू भर गोमूत्र में डूबकर मर जाना चाहिए, आज दिल्ली में घायल गाय को उठाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आ पाता है. वे डरते हैं कि घायल गाय को गाड़ी में लेकर जाएंगे तो लोग घेरकर मार डालेंगे. दिल्ली में गाय के चारे के लिए रोजाना 40 रुपए दिए जाते हैं, इनमें से 20 रुपए नगर निगम और 20 रुपए दिल्ली सरकार देती है. लेकिन निगम ने लंबे समय से चारे के लिए फंड नही दिया है.

ग्रेटर कैलाश से AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने भी गाय का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में जहां कूड़ेदान है वहीं गाय मिलती है. जबकि गाय के हर अंग में भगवान का निवास बताया गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में घर में गाय पालने की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद लोग अपनी गाय ढूंढते हुए सड़कों पर मिल जाते हैं. नजफगढ़ में एक गौशाला में एक दिन में 20 गाय की मौत हो रही थी. पोस्टमार्टम कराए गए तो पता चला कि गाय की मौत आंत में पॉलीथिन फंसने से हुई है.

नेता विपक्ष और भाजपा विधायक रामबीर बिधूड़ी ने सदन में मांग की कि दिल्ली में गायों की समस्या को लेकर कमेटी बनाई जाए. रामबीर सिंह बिधूड़ी ने AAP विधायकों के सवाल और आरोप का जवाब देते हुए कहा कि अगर AAP के सदस्य यह साबित कर दें कि BJP किसी भी तरह AAP से कम गौ भक्त है, तो मैं कोई भी सजा के लिए तैयार हूं. दिल्ली में हजारों एकड़ ग्राम सभा की जमीन खाली पड़ी है, लेकिन AAP सरकार ने उनपर एक भी गौशाला नहीं बनाई.

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने गाय की बुरी स्तिथि पर जवाब देते हुए कहा कि नगर निगम ने गाय के हालात ठीक करने के लिए 15 साल में कुछ नहीं किया. नगर निगम पैसा-पैसा करती है और पैसे पर ही मरती है. उन्होंने कहा कि अगर LG साहब मान जाएं तो दिल्ली सरकार दोगुनी जमीन देने को तैयार है. सदन ने गाय एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास किया है. यह गांव से जुड़े लोगों और निगम के कमिश्नर को शामिल कर सलाह लेगी. कमेटी 1 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.