लव मैरिज के बाद परिवार से हुआ विवाद, महिला आयोग ने दिलवाया यूवती को सम्पत्ति हिस्सा

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रायपुर की एक लड़की ने अपनी पसंद से शादी की। परिवार के लोग इस लव मैरिज के खिलाफ थे। इस वजह से विवाद बढ़ा। ये विवाद कुछ ही दिनों बाद प्रॉपर्टी के विवाद में बदल गया। मगर पिछले कुछ महीनों जारी इस विवाद में अब लगाम लगी है। मामले में महिला आयोग में सुनवाई हुई और बेटी को पिता की प्रॉपर्टी पर हक मिला है।

महिला आयोग की अध्यक्ष किरण मयी नायक ने बताया कि युवती की शादी के बाद उसे सम्पत्ति में हक नहीं दिया गया था। उसने आयोग में आवेदन देकर इस मामले में शिकायत की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग द्वारा दी गई समझाइश को स्वीकार करते हुए 11 लाख रुपये का चेक, 60 हजार रुपए और 5 तोला गोल्ड युवती को दिया जाना तय हुआ। इसी ही युवती ने संपत्ती में हिस्सा माना और ये केस क्लोज किया गया।

एक और प्रॉपर्टी के केस में महिला ने अपने पिता की 60 से 65 एकड़ जमीन की बात बताई। ये संपत्ति 6 भाई और 2 बेटियों में बंटी। मगर महिला ने बताया कि उसके मकान को जबरन तोड़ा जा रहा है। महिला आयोग ने पाया कि विवाद हिस्सेदारी से भी जुड़ा है जिसे कोर्ट में दस्तावेजों के आधार पर साबित करना होगा। इस वजह से ये केस बंद किया गया। आयोग की जनसुनवाई में 5 प्रकरण में सभी पक्षकार पहुंचे। 2 मामलों में आगे की सुनवाई की तारीख दी गई।

हाल ही में आयोग में हुई सुनवाई में रायपुर एम्स का प्रकरण भी पहुंचा था। इन्हीं केसेस की सुनवाई कि सिलसिले में एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर पेश होना पड़ा। सुनवाई में महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक खुद मौजूद रहीं। दरअसल कुछ महीने पहले रायपुर एम्स में साक्षी दुबे नाम की जूनियर डॉक्टर ने खुदकुशी कर ली थी। एक अन्य मामले में महिला डॉक्टर ने एम्स के दूसरे डॉक्टर पर गर्भावस्था में प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। अब इस मामले में महिला आयोग रायपुर एम्स से जवाब मांग रहा है।

 

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