ड्रग सिंडिकेट के टारगेट पर छत्तीसगढ़… पाक से कनेक्शन रखने वाले रायपुर में बना रहे ठिकाना

रायपुर : पंडरी और टिकरापारा पुलिस ने नए साल के जश्न के पहले दो ड्रग पैडलरों के कब्जे से सात लाख रुपए कीमत की एमडीएमए तथा हेरोइन चिट्टा जब्त की है। पुलिस गिरफ्त में आया रायपुर का ड्रग पैडलर पूर्व में भी लूट के आरोप में जेल जा चुका है। बताया जा रहा है, जो पूर्व में जेल गया था, वह जेल में बंद ड्रग पैडलरों से इंटरस्टेट ड्रग तस्करों के बारे में जानकारी जुटाकर ड्रग तस्करी करने लगालोकल ड्रग पैडलरों के पकड़े जाने पर इंटरस्टेट ड्रग पैडलर, जिनका पाकिस्तान के ड्रग पैडलरों के साथ संपर्क है, वे अब रायपुर में ठिकाना बनाकर ड्रग खपाने का काम कर रहे हैंपंडरी पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑपरेशन निश्चय के तहत राजस्थान, जोधपुर निवासी कैलाश विश्नोई की घेराबंदी कर 3.40 लाख रुपए कीमत की 24 ग्राम एमडीएमए जब्त की हैपुलिस ने कैलाश को साइंस सेंटर के पास ड्रग के साथ पकड़ा। एक अन्य मामले में टिकरापारा पुलिस ने कमल विहार निवासी मनीष रोचलानी को 3.60 लाख रुपए कीमत की 20 ग्राम के करीब हेरोइन चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया है। मनीष पूर्व में लूट के आरोप में जेल जा चुका है। हर इवेंट की जानकारी पैडलरों तक पहुंच रही है। होटल के साथ क्लब संचालक युवाओं को आकर्षित करने नए युवाओं को आकर्षित करने नए साल के साथ सामान्य दिनों में इवेंट आयोजित करते रहते हैं।

राजधानी में आयोजित इवेंट की जानकारी इंटरस्टेट ड्रग पैडलरों तक सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यम से पहुंच रही है। इवेंट के पूर्व पैडलर आयोजन में ड्रग खपाने की व्यवस्था कर युवाओं को ड्रग परोसने का काम कर रहे हैं। इसे रोकना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसलिए आकर्षित हो रहे पैडलर पंजाब, राजस्थान, गुजरात के साथ मध्यप्रदेश में जिस कीमत में युवा ड्रग खरीदते हैं। उससे तीन से चार गुना कीमत पर रायपुर में ड्रग की बिक्री होती है। हेरोइन चिट्टा पंजाब में महज हजार से पांच सौ रुपए कीमत पर मिल जाता है, वहीं हेरोइन चिट्टा रायपुर में प्रतिग्राम पांच से आठ हजार रुपए तक बिकता है। इसलिए इंटरस्टेट ड्रग तस्करों के लिए रायपुर पसंदीदा शहर है।

लगातार चल रही पुलिस कार्रवाई के कारण अब ड्रग तस्कर अपने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर नए पैटर्न अपना रहे हैं। जांच में सामने आया है कि संगठित नेटवर्क अब शहरी इलाकों से दूरी बनाते हुए आउटर क्षेत्रों, फार्महाउस पार्टियों एवं निजी आयोजनों को लक्ष्य बना रहे हैं और कम मात्रा में हाई-वैल्यू ड्रग की आपूर्ति कर जोखिम कम करने का प्रयास कर रहे हैंइसी बदले हुए आपराधिक व्यवहार को ध्यान में रखते हुए रायपुर पुलिस इंटेलिजेंस-ड्रिवन, एंड-टू-एंड विवेचना और माइक्रो-लेवल सर्विलांस अपना कर कार्रवाई कर रही है

ड्रग तस्करी करने के मामले में पुलिस ने अब तक दो सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार ड्रग पैडलरों में ज्यादातर स्थानीय हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए इंटरस्टेट ड्रग पैडलर, जिनका पाकिस्तान के ड्रग माफियाओं के साथ संपर्क है, वे खुद डील करने रायपुर पहुंच रहे हैं। साथ ही लोकल पैडलर के बजाय पार्टी तथा अन्य आयोजनों में अपने कुरियर ब्वॉय के माध्यम से ड्रग सप्लाई कर रहे हैं।

आईजी तथा एसएसपी ने ड्रग्स को लेकर जिले के सभी थानों, नारकोटिक्स सेल के साथ क्राइम ब्रांच पुलिस को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विशेष कर नए साल में बड़े पैमाने पर ड्रग खपाए जाने की सूचना मिलने पर आईजी तथा एसएसपी ने इंटरस्टेट पुलिस से समन्वय स्थापित कर ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं।

आईजी तथा एसएसपी के दिशा-निर्देश में चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस ने एक साल के भीतर 13 इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इन नेटवर्क में ये ड्रग पैडलर शामिल हैं।

सुवीत श्रीवास्तव ड्रग नेटवर्क

पिंदर उर्फ रूपिंदर सिंह उर्फ पाबलो

मनमोहन सिंह संधू उर्फ जम्मू

नव्या मलिक एमडीएमए

कमलेश अरोड़ा उर्फ लाली

बगेल सिंह

आयुष दुबे

गगनदीप सिंह

पराग बरछा उर्फ रघु

अब्दुल करीम उर्फ समीर

नव्या मलिक एमडीएमए

मनीष रोचलानी

कैलाश बिश्नोई

दिलबाग सिंह