दुबई में नया बिल्डिंग कानून लागू, लापरवाही पर लगेगा करोड़ों का जुर्माना

यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अमीरात में इमारतों की गुणवत्ता और सुरक्षा को दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक नया कानून जारी किया है. यह कानून अनिवार्य नियमों के माध्यम से दुबई में इमारतों की सुरक्षा, संरचनात्मक अखंडता और स्थिरता को बढ़ावा देने का प्रयास करता है. इसके साथ ही, यह नया कानून इमारतों में रहने वाले लोगों की सुख-सुविधाओं में सुधार करने, दुर्घटनाओं को कम करने और जान-माल की रक्षा करने पर केंद्रित है. इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य दुबई की विशिष्ट शहरी पहचान और वास्तुकला को संरक्षित करना भी है, ताकि भविष्य में होने वाले शहरी विकास को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके.

इस कानून का मकसद इमारतों को मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है ताकि वे लंबे समय तक टिकी रहें. अब इमारतों की मशीनों और प्रणालियों को सही रखने के लिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराना जरूरी होगा. इससे न केवल दुर्घटनाएं कम होंगी और लोगों की जान-माल की रक्षा होगी, बल्कि वहां रहने वालों को भी ज्यादा आराम मिलेगा. साथ ही, यह कानून दुबई की खास खूबसूरती और उसकी बनावट के अंदाज को बरकरार रखने में मदद करेगा.

इस कानून के प्रावधान पूरे दुबई की सभी इमारतों पर लागू होंगे, जिनमें निजी विकास क्षेत्र और दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर जैसे फ्री ज़ोन भी शामिल हैं. यह कानून उन इमारतों पर भी प्रभावी होगा जो इसके लागू होने से पहले बनी थीं और उन पर भी जो इसके बाद बनाई जाएंगी.

दुबई नगर पालिका भवनों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगी. इसकी जिम्मेदारियों में एक डिजिटल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना, एकीकृत भवन डेटाबेस तैयार करना, समय-समय पर मूल्यांकन करना और स्थिरता के मानक तय करना शामिल है. साथ ही, नगरपालिका इमारतों, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय और प्रक्रियाएं लागू करेगी.

कानून के तहत यह भी अनिवार्य किया गया है कि ‘गुणवत्ता और सुरक्षा प्रमाणपत्र’ केवल तभी जारी किया जाएगा, जब कोई लाइसेंस प्राप्त इंजीनियरिंग कार्यालय या फर्म कानून के प्रावधानों के अनुसार इमारत की संरचनात्मक और तकनीकी स्थिति का व्यापक निरीक्षण और मूल्यांकन कर लेगी. नए कानून के मुताबिक, अब दुबई में हर इमारत के मालिक को, चाहे वह पूरी बिल्डिंग का मालिक हो या किसी जॉइंट प्रॉपर्टी के तहत किसी यूनिट का, बिल्डिंग बनने के बाद ‘क्वालिटी एंड सेफ्टी सर्टिफिकेट’ लेना अनिवार्य होगा.

इस सर्टिफिकेट की समय-सीमा को लेकर दो मुख्य नियम बनाए गए हैं, ऐसी इमारतें जिन्हें बने हुए 40 साल से कम समय हुआ है, उनके लिए यह सर्टिफिकेट 10 साल तक मान्य रहेगा, जो इमारतें 40 साल या उससे ज्यादा पुरानी हैं, उनके लिए यह सर्टिफिकेट हर 5 साल में रिन्यू कराना होगा. सर्टिफिकेट को दोबारा जारी कराने की शर्तें और प्रक्रिया दुबई की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष द्वारा तय की जाएगी.

कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है. नियमों को तोड़ने पर 100 दिरहम से लेकर 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है. अगर कोई व्यक्ति दो साल के भीतर वही गलती दोबारा दोहराता है, तो जुर्माने की राशि दोगुनी होकर 20 लाख दिरहम (करीब 4.5 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है.