दुर्ग : आबकारी-विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.51 लाख ठगे, आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ : दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े छह लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। धमधा थाना क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी ने खुद को आबकारी विभाग में प्रभावशाली संपर्क वाला बताकर युवकों और उनके परिचितों से पैसे वसूले। पुलिस के अनुसार, आरोपी ओमकुमार सिन्हा (31) ने शराब दुकान और आबकारी विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। उसने दावा किया कि जितना ऊंचा पद होगा, उतनी ही अधिक रकम देनी पड़ेगी। इसी लालच में पांच लोग उसके झांसे में आ गए।
धमधा के सोनकर पारा निवासी घनश्याम सोनकर ने 1 जनवरी 2026 को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि राजनांदगांव निवासी ओमकुमार सिन्हा ने खुद को विभागीय पहुंच वाला व्यक्ति बताते हुए नौकरी का प्रस्ताव रखा था। शुरुआत में भरोसा दिलाया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। काफी समय बीतने के बाद भी जब न तो किसी को नौकरी मिली और न ही रकम लौटाई गई, तब पीड़ितों को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग लोगों से फोन-पे, स्कैनर और नकद माध्यम से पैसे लिए। शुभम सोनकर से एक लाख रुपये, गजेंद्र सोनकर से 90 हजार रुपये, हेम सिंह साहू से 1.20 लाख रुपये और प्रियांश सोनकर से ऑनलाइन भुगतान कराया गया। इसके अलावा नकद लेन-देन भी हुआ। कुल मिलाकर ठगी की रकम 6 लाख 51 हजार 817 रुपये तक पहुंच गई। मामला दर्ज होने के बाद धमधा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और लेन-देन के विवरण जुटाए। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे मांगना अपराध है। युवाओं को ऐसे झूठे दावों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह का प्रलोभन दे, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि सरकारी नौकरी की चाह में लोग किस तरह ठगों का शिकार बन रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
