दुर्ग : आत्मानंद स्कूलों में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा.. ऐसे खुला राज

छत्तीसगढ़ : दुर्ग जिले में संचालित सेजेस (आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल) में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी जालसाजी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने जिला शिक्षा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और सील का उपयोग कर 11 संविदा शिक्षकों के नाम पर जाली नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब एक महिला अभ्यर्थी पदभार ग्रहण करने स्कूल पहुंची। फिलहाल, शिक्षा विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। धोखाधड़ी की यह घटना जेपी नगर कैंप-2 स्थित आत्मानंद स्कूल में उजागर हुई। यहाँ एक महिला शिक्षिका अपना जॉइनिंग लेटर लेकर कार्यभार संभालने पहुंची थी। स्कूल की प्राचार्य सुधा कुर्रे को नियुक्ति पत्र का प्रारूप और उसमें लिखे पद को देखकर संदेह हुआ। उन्होंने बड़ी चतुराई से महिला को पत्र की फोटोकॉपी कराने के बहाने बाहर भेजा और तत्काल जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क किया। विभाग ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। जब तक प्राचार्य कार्रवाई करतीं, वह महिला शिक्षिका स्कूल से गायब हो चुकी थी, जिससे दस्तावेज के फर्जी होने की पुष्टि हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अरविंद मिश्रा ने एसपी कार्यालय और कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। विभाग ने पुलिस को दिए प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि नियुक्ति पत्रों में पदों के नाम और प्रारूप दोनों में गंभीर गलतियां हैं, जिससे साफ़ है कि इन्हें एडिट कर तैयार किया गया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए ये फर्जी पत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचे।

​इन स्कूलों के लिए जारी हुए थे फर्जी आदेश

जालसाजों ने जिन 11 लोगों को शिकार बनाया है, उन्हें अलग-अलग 11 स्कूलों में 1 अप्रैल को जॉइन करने के निर्देश दिए गए थे। सूची के अनुसार:

​हिंदी विषय: किसन सहारे (नेवई), रोहिणी साहू (दुर्ग), दीपिका धुरंधर (बोई)।
​गणित विषय: राजेश देवांगन (देवादा), भारती निर्मलकर (धमधा), रिचा शर्मा (अंजोरा), नेहा राठौर (बासिन), श्वेता कौर (कैंप 2), किरण पटेल (कुम्हारी)।
​वाणिज्य विषय: नमेश देवांगन (चरोदा) और किरण चौधरी (उतई)।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन नियुक्तियों के बदले अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई होगी। आत्मानंद स्कूलों की लोकप्रियता का फायदा उठाकर जालसाज बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी नियुक्ति पत्र की सत्यता की जांच विभागीय वेबसाइट या कार्यालय से जरूर करें।