Durg News: दुर्ग में अब हर सुबह 1 घंटे काटी जाएगी बिजली, जानें- प्रशासन ने क्यों लिया ऐसा फैसला?

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Durg Water Crisis: एक ओर जहां पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ रही है और लोग गर्मी से परेशान हैं तो कई जगह पानी की भी किल्लत देखने को मिल रही है. लोग अपने घर में पानी स्टोर करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भी पानी की किल्लत देखने को मिल रहा है. प्रशासन द्वारा दिये जाने वाले पानी को लोग टुल्लू पंप लगाकर चोरी करने लगे हैं. टुल्लू पंप से पानी खिंचने से पानी की सप्लाई लोगों तक नहीं पहुंच पा रही थी. प्रशासन ने पानी की चोरी रोकने के लिए एक नया तरीका अपनाया है.

दरअसल नगर पालिका निगम भिलाई क्षेत्र में नेहरू नगर, खम्हरिया, कोहका, कुरूद, फरीदनगर, कोहका, वैशालीनगर, हाउसिंग बोर्ड, मदर टेरेसा नगर, चंद्रा मौर्या क्षेत्र में वाटर सप्लाई के वक्त ही टूल्लूपंप से लोग पानी भरने लगते हैं. इस वजह से अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में दिक्कत होती है. वाटर सप्लाई के समय बिजली ना होने पर टूल्लू पंप का रोल खत्म हो जायेगा और सभी लोगों तक पानी पहुंचने लगेगा.

बता दें कि विगत 2 महीनों से टूल्लू पंप का उपयोग कर पानी खींचने वालों से अपील की जा रही थी. इन प्रयासों के बाद निगम क्षेत्र के सभी घरों में पानी पहुंचाने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में बिजली काटने की जानकारी कलेक्टर को दी गई.

इसके बाद जिला प्रशासन ने विद्युत विभाग को पत्र जारी करने अनुरोध किया जिसपर विद्युत विभाग ने भिलाई निगम क्षेत्र में और रिसाली निगम क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह 1 घंटे बिजली काटने पर सहमति दे दी है. ऐसे में भिलाई निगम क्षेत्र में सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक बिजली नहीं आएगी.

महापौर नीरज पाल ने कहा कि नागरिकों को बिजली ना मिलने से असुविधा तो होगी लेकिन गर्मी में देखते हुए पेयजल संकट न हो और समान रूप से सभी घरों में पानी पहुंचे इस उद्देश्य से बिजली काटना जरूरी है. डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन से पानी खींचने के कारण पाइप लाइन के शुरुआती क्षेत्रों में पानी प्रेशर के साथ टुल्लू पंप के कारण मिल जाता है.

पाइप लाइन से पानी जैसे ही अंतिम छोर की ओर बढ़ता है वैसे ही पानी का प्रेशर टुल्लू पंप के कारण कम होता जाता है और अंतिम घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है. ऐसे में जिला प्रशासन ने सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक बिजली सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया गया है. ताकि सभी इलाकों में सामान रूप से पानी की सप्लाई हो सके.