“कुत्ते का मांस खाओ और गर्मी को दूर भगाओ”, उत्तर कोरियाई सरकार का तुगलकी फरमान
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कु्त्ते के मांस के सूप की सलाह दी है। दरअसल, इन दिनों उत्तर कोरिया भीषण गर्मी से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ा है। ऐसे में उत्तर कोरिया इस विवादित डिश को बढ़ावा देने की अपनी पुरानी कोशिश को फिर से शुरू कर रहा है। यह जानकारी हांगकांग से छपने वाले अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने दी है।
SCMP ने बताया है कि उत्तर कोरिया की सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के अखबार ‘रोडोंग सिनमुन’ ने रविवार को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रकाशित की थी। इसी में हीटवेव से बचने के तरीके और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के उपचार की जानकारी दी गई थी। प्योंगयांग जनरल हॉस्पिटल के एक सीनियर डॉक्टर के साथ इंटरव्यू में अखबार ने चेतावनी दी कि “गर्मी की थकान और हीटस्ट्रोक के कारण दिल की बीमारी, डायबिटीज और हाइपरथायरायडिज्म जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।”
अखबार ने तरबूज, मूंग और खीरे जैसी ठंडक देने वाली चीजों के साथ-साथ “बहुत पौष्टिक भोजन” जैसे कुत्ते के मांस का सूप, मछली का दलिया और लाल बीन्स का दलिया खाने की सलाह दी। कुत्ते के मांस के सूप को स्थानीय भाषा में ‘डैंगोगी गुक’ (मीठे मांस का सूप) कहा जाता है। उत्तर कोरियाई सरकार लंबे समय से इसे पारंपरिक स्वास्थ्य टॉनिक के तौर पर बढ़ावा देती रही है, हालांकि यह एक महंगी डिश है जो कई आम नागरिकों की पहुंच से बाहर है।
उत्तर कोरिया के पूर्व राजनयिक री चोल ने ‘दिस वीक इन एशिया’ को बताया, “डैंगोगी उत्तर कोरिया में लोकप्रिय है, लेकिन यह महंगा खाना है।” उन्होंने कहा, “इसे ज्यादातर गर्मी के दिनों में खाया जाता है ताकि गर्मी से होने वाली थकान से बचा जा सके।” प्योंगयांग दशकों से डैंगोगी को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए उसने टेडोंग नदी के किनारे शानदार रेस्टोरेंट बनाए हैं और क्षेत्रीय रेसिपी को सांस्कृतिक विरासत के तौर पर रजिस्टर कराया है।
उत्तर कोरिया की सरकार राजधानी में हर साल खाना पकाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित करती है ताकि कुत्ते के मांस को खाने-पीने की चीजों में ऊंचा दर्जा मिल सके और इसे गर्मी का सामना करने के देशभक्तिपूर्ण तरीके के तौर पर पेश किया जा सके। यह चलन दक्षिण कोरिया से बिल्कुल अलग है, जिसने 2024 में एक अहम कानून बनाकर इंसानों के खाने के लिए कुत्तों के पालन-पोषण, उन्हें मारने, उनके मांस के वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी है।
