ताज होटल में पालथी मारकर खाना गुनाह ! सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

ताज होटल की गिनती भारत के नामचीन होटलों में की जाती है लेकिन इन दिनों इस होटल में एक महिला के साथ हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. ताज होटल में एक महिला डिनर करने गई थी. वो ताज होटल की टेबल पर खाना खाते समय पालथी मारकर बैठ गई. जिसके बाद होटल के मैनेजर उस महिला को बैठने का तरीका सीखाने लगे. महिला ने इस पूरे वाकये को बताते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया मंच एक्स पर शेयर किया. जिसके बाद इस मुद्दे पर बहस जारी है.

दरअसल योरस्टोरी की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा ने ताज होटल के अधिकारियों पर उनके फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट हाउस ऑफ मिंग में पद्मासन (पालथी) में बैठने पर उन्हें अपमानित करने के आरोप लगाए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एक वीडियो के साथ जानकारी देते हुए शर्मा ने बताया कि उनके साथ यह वाक्या तब घटा जब वे दिवाली के दौरान अपनी बहन के साथ हाउस ऑफ मिंग में डिनर करने गई थीं. उन्होंने बताया कि वे वहां पद्मासन की मुद्रा में बैठीं थी और अचानक मैनेजर ने उन्हें उनके बैठने के तरीके को लेकर फटकार लगा दी. उन्हें ठीक से बैठने की हिदायत दी गई क्योंकि वहां मौजूद दूसरे गेस्ट को शर्मा के इस तरह बैठने के तरीके से परेशानी हो रही थी.

श्रद्धा शर्मा ने एक्स पर लिखा, “एक साधारण व्यक्ति, जो कड़ी मेहनत से अपनी कमाई करता है और अपनी गरिमा के साथ ताज होटल में आता है उसे आज भी, इस देश में जलील और अपमानित होना पड़ता है. मेरा गलती क्या है? बस इतनी कि मैं रेगुलर पद्मासन में बैठ गई? क्या यह मेरी गलती है कि ताज मुझे सीखा रहा है कि कैसे बैठना चाहिए और क्या करना चाहिए?

इतना ही नहीं, मैनेजर ने उनके कपड़ों पारंपरिक सलवार कमीज और फुटवियर कोल्हापुरी चप्पल के चुनाव को लेकर भी उनका अपमान किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत की और पैसे कमाकर फाइन डाइनिंग में जगह ली, लेकिन होटल समृद्धि, संस्कृति और क्लास से भरा हुआ है.

इस पर नाराज शर्मा ने कहा, “मैं कोल्हापुरी चप्पल पहनती हूँ, वो मैंने अपनी मेहनत से खरीदा है और यहां आई हूं. लेकिन यहां आकर स्टाफ का ये कहना कि आप पैर नीचे कर बैठो पूरी तरह से गलत है.” उन्होंने कहा कि वह उद्योगपति रतन टाटा का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन इस घटना ने उन्हें ताज से निराश कर दिया.

एक एक्स हैंडल यूजर ने लिखा, “अब ताज होटल में खाने के दौरान स्टाफ बताएंगे कि कैसे बैठना है. पैसा देकर लोग आराम से अपने हिसाब से बैठकर खा भी नहीं सकता है! अंग्रेज़ चले गए,अंग्रेजियत ठूस ठूस कर चले गए.” एक दूसरे यूजर ने कहाबैठने का भी कोई रुल है क्या इस देश में? मतलब अब तुम्हारे होटल में कौन किस तरह बैठेगा, तुम उससे जज करोगे क्या भाई? कोई कैसे भी बैठे उससे किसी गेस्ट को क्या तकलीफ़ भाई?