गोरखपुर में दुर्गा विसर्जन जुलूस में दौड़ा करंट, तीन की मौत

गोरखपुर। प्रतिमा विसर्जन के लिए निकला जुलूस उत्सव और उल्लास में झूम रहा था। रजही चौराहे पर पहुंची शोभायात्रा से बाजार का माहौल भक्तिमय हो उठा था। तभी अचानक ट्राली पर प्रतिमा के साथ खड़े लोग करंट की चपेट में आ गए। कुछ पल पहले तक जहां जयकारे गूंज रहे थे, वहां चीख-पुकार मच गई। उत्सव की जगह चीखें गूंज उठीं और उल्लास पल भर में ही संत्रास में बदल गया। इस हृदयविदारक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई।

दुर्गापूजा शुरू होने से पहले पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया था। जगह-जगह चौपाल लगाकर सुरक्षा के उपाय बताए गए। डीजे समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सख्ती बरती गई, लेकिन उत्सव के दौरान सतर्कता में हुई चूक भारी पड़ गई।

तीन परिवारों को अपनों से बिछड़ने का दर्द झेलना पड़ा। हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करना जांच का विषय है। हालांकि, घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क के ऊपर नीचे लटक रहे बिजली के तारों को दुरुस्त क्यों नहीं किया गया? प्रतिमा छोटी होने के बावजूद ट्राली पर लंबे लोहे के एंगल क्यों लगाए गए?

विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? इन पहलुओं की जांच जरूरी है, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। हालांकि एसएसपी ने प्रतिमा के साथ चल रहे दोनों सिपाहियों पर कार्रवाई कर दी है।

उधर, हादसे में जान गंवाने वाले दोनों भाइयों के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक पसरा है। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है।