बिजली विभाग का ऐतिहासिक एक्शन : निगम के जोन दफ्तरों, रजिस्ट्री ऑफिस, बस स्टैंड का काटा कनेक्शन
रायपुर। प्रदेश के इतिहास में पहली बार प्रदेशभर में सरकारी विभागों के बकायेदारों के बिजली कनेक्शन ताबड़तोड़ काटे जा रहे हैं। राजधानी रायपुर में भी एक्शन प्रारंभ हो गया है। नगर निगम के कुछ जोन दफ्तरों, बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट के रजिस्ट्री दफ्तर, सामुदायिक भवनों सहित ऐसे 36 सरकारी कनेक्शनों की बिजली कट की गई है, जिन पर एक करोड़ 73 लाख का बकाया है। बिजली कटने के डर से रायपुर के 237 सरकारी कनेक्शनों के बकायेदारों ने एक करोड़ 28 लाख 76 हजार का भुगतान कर दिया है। बिजली कट करने का अभियान अब लगातार चलेगा। प्रदेशभर के सरकारी विभागों पर साढ़े तीन हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया है। पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने सरकारी विभागों के बकायेदारों की भी बिजली कट करने का फैसला किया है और प्रदेशभर में इसको लेकर अभियान चला जा रहा है। इस अभियान से सरकार के उन विभागों के कनेक्शनों को अलग रखा गया है, जिन कनेक्शनों का आम जनता से सीधे सरोकार है। जैसे नगरीय निकायों के पंप हाउस, स्ट्रीट लाइट, अस्पताल आदि शामिल हैं। इनके कनेक्शन फिलहाल नहीं काटे जा रहे हैं।
राजधानी रायपुर के सर्किल वन में बड़ा एक्शन लिया गया है। इस सर्किल में ही तीन हजार से ज्यादा सरकारी कनेक्शन हैं। इनमें से 322 कनेक्शनों को काटने का फैसला किया गया है। इन कनेक्शनों से आम जनता प्रभावित नहीं होगी। ऐसे ही 36 कनेक्शनों, जिन पर एक करोड़ 73 लाख का बकाया है, उनकी बिजली कट कर दी गई है। इसमें कलेक्ट्रेट में स्थित रजिस्ट्री दफ्तर भी शामिल है। इस आफिस का बिल भी सरकारी मद से जमा होता है। साथ ही नया बस स्टैंड और यहां पर स्थित नगर निगम के जोन-6 की भी बिजली कट की गई है। जोन-10 और अन्य जोन की भी बिजली भी काट दी गई है।
डीडीनगर के सामुदायिक भवन समेत राजधानी के उन सामुदायिक भवनों की भी बिजली कट की गई है, जिन पर बिजली बिल बकाया है। रायपुर प्रेस क्लब की भी बिजली को कट किया गया। इसका बिल नगर निगम देता है। बाद में निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर, कि बिल जमा करने की प्रक्रिया चल रही है, इनके कनेक्शन वापस जोड़े गए हैं। पॉवर कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, जिन भी विभागों ने लिखित में दिया है कि बिल जमा करने की प्रक्रिया चल रही है, उनके कनेक्शन को वापस जोड़ा गया है।
