नौकरीपेश को बजट से काफी उम्‍मीदें, म‍िल सकते हैं ये 3 बड़े तोहफे

राष्ट्रीय

नई द‍िल्‍ली : व‍ित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2022 को आम बजट पेश करेंगी. इस बार वह चौथी बार बजट पेश करेंगी. बजट आने से पहले अलग-अलग सेक्‍टर ने उनसे काफी उम्‍मीदें लगा रखी हैं. एग्रीकल्‍चर हो या र‍ियलएस्‍टेट सेक्‍टर, हेल्‍थ सेक्‍टर हो या फ‍िर नौकरीपेशा सभी को इस बार के बजट से काफी उम्‍मीदें हैं.

नौकरीपेश लोगों को मोदी सरकार की तरफ टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाए जाने की उम्‍मीद है. प‍िछले कई साल से टैक्‍स छूट की ल‍िम‍िट में कोई इजाफा नहीं क‍िया गया है. माना जा रहा है चुनाव से पहले टैक्‍स छूट की घोषणा करके नौकरीपेशा को लुभा सकती है. आइए जानते हैं इस बार के बजट में नौकरीपेशा को और क्‍या मिल सकता है.

अभी टैक्स छूट की लिमिट ढाई लाख रुपये है. प‍िछले करीब 8 साल से इसमें कोई बदलाव नहीं क‍िया गया है. इससे पहले टैक्स छूट की लिमिट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किया गया था. टैक्‍सपेयर्स की तरफ से इस छूट को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने की मांग की जा रही है. लेक‍िन उम्‍मीद है क‍ि सरकार इसे बढ़ाकर तीन लाख कर सकती है. वैसे भी इस बार यूपी जैसे बड़े राज्‍य में व‍िस चुनाव हैं तो सरकार नौकरीपेशा को खुश कर सकती है.

अभी इनकम टैक्‍स की धारा 80C के तहत डेढ़ लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान है. 2014 में इसे बढ़ाकर एक से डेढ़ लाख क‍िया गया था. नौकरीपेशा का टैक्‍स बचाने के लिए यह सेक्‍शन सबसे अहम होता है. इस बार के बजट में इस ल‍िम‍िट को बढ़ाकर डेढ़ से दो लाख रुपये तक क‍िए जाने की उम्‍मीद है.

इंड‍ियन बैंक एसोसिएशन (IBA) की तरफ से मांग की गई है क‍ि टैक्स फ्री एफडी का लॉक-इन पीरियड पांच साल से घटाकर तीन साल क‍िया जाए. बैंकों ने ब्याज दरें भी कम कर दी हैं. पीपीएफ पर ब्याज दर एफडी की तुलना में बेहतर है. ऐसे में लोग एफडी में कम निवेश कर रहे हैं. न‍िवेशक म्यूचुअल फंड और शेयर्स का भी रुख कर रहे हैं. ऐसे में टैक्स सेवर एफडी में तीन साल वाली एफडी को शामिल किया जा सकता है.