राज्यसभा में रिजिजू-खड़गे में बहस, केंद्रीय मंत्री बोले- विपक्ष नए सांसदों को बोलने का मौका दे

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी हंगामा जारी है। राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बहस हुई। खड़गे ने कहा- अब मुझे किरेन रिजिजू से सीखना पड़ेगा। वे चेयरमैन के चेंबर में जाकर बोलते हैं कि रोज मैं ही यहां आकर बोलता हूं। अगर मैं नियम नहीं पढ़ूंगा तो क्या आपकी दी हुई चीजें पढ़ूं?

खड़गे ने आगे कहा- क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है, यह तय करना मेरा अधिकार है। सत्ता पक्ष हमारे सांसदों का अपमान कर रहा है। मैं सिर्फ अमित शाह के संसद में आकर जवाब देने की मांग कर रहा हूं। इस सदन में जेटली जी ने खुद कहा था कि रुकावट लोकतंत्र का हिस्सा है। आप सदन में कार्यवाही से जुड़े सवाल उठा सकते हैं।

इस पर रिजिजू ने कहा- कोई भी सदस्य एक ही मुद्दे पर बार-बार नहीं बोल सकता। पवन खेड़ा कांग्रेस के नए सांसद है। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर मैं सदन में उन्हें सम्मानित करना चाहता हूं। लेकिन दिक्कत यह है खेड़ा को अब तक वेलकम स्पीच देने तक का मौका नहीं मिला। कांग्रेस आलाकमान नए सदस्यों को बोलने का मौका ही नहीं दे रहा है।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कुछ ही मिनटों में हंगामे के कारण लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि विपक्ष का आचरण सही नहीं है। देश सरकार का जवाब सुनना चाहता है, लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा।

उधर, राज्यसभा में सुबह 11 बजे करीब आधे घंटे तक कार्यवाही चली। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी की और मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति देने की मांग की। बाद में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने खड़गे को बोलने की इजाजत दी, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के बाद करीब 11:25 बजे राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।