कहने को एक्सप्रेस, मगर है दुनिया की सबसे धीमी ट्रेन, 290 किलोमीटर चलने में लगा देती है 8 घंटे!
भारत में हाई स्पीड ट्रेनें समय के साथ आती जा रही हैं. वंदे भारत, राजधानी या तेजस जैसी ट्रेनों की स्पीड तो तेज है ही, मगर इसी के साथ बुलेट ट्रेन भी आने वाली हैं. चीन और जापान जैसे देशों में तो कई गुना तेज ट्रेन भी चलती हैं जिनमें बैठकर लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर कुछ घंटों में कर लेते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी भी एक्सप्रेस ट्रेन है, जो इतनी धीमी है कि सिर्फ 290 किलोमीटर का सफर तय करने में वो 8 घंटे का वक्त लगाती है. इस वजह से इसे दुनिया की सबसे धीमी एक्सप्रेस ट्रेन माना जाता है.
रिपोर्ट के अनुसार स्विट्जरलैंड की ग्लेशियर एक्सप्रेस को दुनिया की सबसे धीमी एक्सप्रेस ट्रेन माना जाता है क्योंकि ये 290 किलोमीटर का सफर 8 घंटे में तय करती है. कारण ये है कि ये ट्रेन आल्प्स पर्वतमाला से हुए हुए गुजरती है. ग्लेशियर एक्सप्रेस स्विट्जरलैंड के तो कस्बे, ज़र्मैट और सेंट मॉरिट्ज़ को आपस में जोड़ती है. ये ट्रेन 36 किलोमीटर प्रति घंटे की एवरेज स्पीड से चलती है ये सुनकर ताज्जुब होगा और हंसी भी आएगी कि एक्सप्रेस होने के बावजूद ये ट्रेन बेहद धीमी रफ्तार से चलती है. पर इसके पीछे बड़ा कारण है.
दरअसल, ग्लेशियर एक्सप्रेस ट्रेन का एक मात्र काम सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना नहीं है. इसका उद्देश्य है यात्रियों को आल्प्स पर्वत की खूबसूरती दिखाना. इसका रूट इतना खूबसूरत है कि लोग उसे देखने के लिए इस ट्रेन से सफर करते हैं. इस वजह से वो ट्रेन में यात्रा करने पर बोर नहीं होते हैं. ट्रेन की खिड़कियां इसी वजह से काफी बड़ी-बड़ी बनाई गई हैं जिससे लोगों को पैनारॉमिक व्यू नजर आए.
खूबसूरती के अलावा ट्रेन को धीमी रफ्तार से चलाने का कारण ये भी है कि पटरियां बेहद दुर्गम स्थानों पर बिछी हैं जहां पर तेज रफ्तार में ट्रेनों को नहीं चलाया जा सकता. कहीं रास्ते मुड़े हुए हैं तो कहीं ढलान है या चढ़ाई बहुत ज्यादा है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन की गति को धीमा ही रखा जाता है. इस 8 घंटे की यात्रा में ये ट्रेन कई घुमावदार टनल से गुजरती है. बीच में 291 ब्रिज और 91 टनल पड़ते हैं. ये सफर समुद्र तल से 6670 फीट की ऊंचाई पर होता है. इसके अलावा ग्लेशियर एक्सप्रेस नैरो गेज ट्रैक पर चलती है, जिसपर ट्रेन की स्पीड तेज नहीं की जा सकती है. इस ट्रेन में फर्स्ट क्लास, सेकंड क्लास और सबसे महंगा एक्सिलेंस क्लास भी है जिसमें यात्रियों को 5 स्टार होटल जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.
