रायगढ़ में नाबालिग बेटी से पिता ने किया रेप, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबालिग बेटी से रेप के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला उक्त मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार कोतरा रोड थाना क्षेत्र निवासी पीडि़ता की मां ने 9 मई 2025 को थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके तीन लडक़ी एवं लडक़ा इस प्रकार चार बच्चे है। वहीं एक वर्ष पूर्व उसका पति चरित्र शंका करते हुए उसे घर से निकाल दिया था।

जिस पर वह अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर मायके चली गई थी। वहीं दो बेटी व बेटा अपने पिता के साथ ही रह रहा था। उसकी जेठानी ने फोन कर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय मंझली बेटी गर्भवती है। यह जानकारी मिलते ही वह 8 मई 2025 को पति के घर आई और बेटी से पूछताछ की तब उसने बताया कि पिता द्वारा डरा धमका कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया जाता रहा है, जिससे वह गर्भवती हो गई है। पीडि़ता की रिपोर्ट के आधार पर कोतरा रोड पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध बीएनएस की धारा 65 (1), 64 (2) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

वहीं पीडि़ता के पिता को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। उभय पक्ष की सुनवाई व प्रस्तुत गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने आरोपी को दोषी पाया तथा अभियुक्त द्वारा अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ किया गया लैंगिक अत्याचार न केवल अत्यंत घृणित व निंदनीय है बल्कि पिता व पुत्री के पवित्र एवं विश्वासपूर्ण संबंध की मर्यादा को तार-तार करने वाला कृत्य मानते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल तक सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। शासन की ओर से प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण दुबे ने पैरवी की।