एफसीआई के गोदामों में गेहूं और चावल का स्टॉक तय मानकों से तीन गुना ज्यादा
सरकार के गेहूं एवं चावल का भंडार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में एक अप्रैल को बढ़कर 604.02 लाख टन पर पहुंच गया, जो निर्धारित बफर मानक 210.40 लाख टन का लगभग तीन गुना है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, चावल का भंडार 386.10 लाख टन रहा, जो 135.80 लाख टन के बफर मानक से काफी अधिक है। वहीं, गेहूं का भंडार 217.92 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि इसका बफर मानक 74.60 लाख टन है।
अनाज के भंडारण के लिए बफर मानक हर तीन महीने में बदले जाते हैं। अभी जो मानक लागू हैं, वे 1 अप्रैल से लागू हुए हैं और अगला बदलाव 1 जुलाई को किया जाएगा। सरकार इन भंडारों को इसलिए बनाए रखती है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर पर्याप्त मात्रा में अनाज मिल सके।
इस बीच, 2026 की रबी फसलों की खरीद प्रक्रिया जारी है। देश में 334.17 लाख हेक्टेयर में बोए गए गेहूं में से लगभग 97 प्रतिशत की कटाई हो चुकी है, जबकि दलहनों की कटाई पूरी हो गई है। रबी सत्र वाले धान की कटाई 59.32 प्रतिशत तक पहुंची है, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में केंद्रित है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अधिकतर रबी फसलों के थोक दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चल रहे हैं।
