FIFA World Cup 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर, जर्मनी को हराकर इक्वाडोर ने रचा इतिहास

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां इक्वाडोर ने चार बार की वर्ल्ड चैम्प‍ियन जर्मनी को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया. शुरुआती दो मैचों में एक हार और एक ड्रॉ के बाद सेबास्टियन बेकासेसे की टीम के सामने करो या मरो की स्थिति थी. नॉकआउट की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए जीत जरूरी थी और इक्वाडोर ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया.

ग्रुप E में आइवरी कोस्ट से हार और क्यूरोसाऊ के खिलाफ ड्रॉ के बाद इक्वाडोर मुश्किल में था. दूसरी ओर जर्मनी पहले ही नॉकआउट के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी. इसके बावजूद मुकाबले की शुरुआत जर्मनी ने शानदार अंदाज में की. मैच के दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने ने गोल दागकर जर्मनी को 1-0 की बढ़त दिला दी. ऐसा लग रहा था कि जर्मनी आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेगी, लेकिन इक्वाडोर ने जल्द ही वापसी की. निलसन अंगुलो ने नौवें मिनट में टूर्नामेंट का अपना पहला गोल दागते हुए स्कोर 1-1 कर दिया. इसके बाद इक्वाडोर का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने लगातार जर्मन डिफेंस पर दबाव बनाए रखा.

दूसरे हाफ में कॉर्नर किक पर सब्स्टीट्यूट केविन रोड्रिगेज ने शानदार फ्लिक-ऑन किया, जिस पर गोंजालो प्लाटा ने गोल कर इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिला दी. इसके बाद टीम ने आखिरी 13 मिनट तक मजबूत डिफेंस करते हुए इस बढ़त को कायम रखा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की. स्कोर 1-1 रहने के दौरान मुकाबले का सबसे विवादित पल भी आया. दूसरे हाफ में रेफरी टोरी पेन्सो ने जोएल ऑर्डोनेज द्वारा काई हावर्ट्ज़ को चुनौती देने पर जर्मनी को पेनल्टी दे दी थी.

हालांकि वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद फैसला बदल दिया गया. रीप्ले में पाया गया कि पेनल्टी से पहले लेरॉय साने ने विटे के खिलाफ फाउल किया था. इसके बाद पेनल्टी रद्द कर दी गई और जर्मनी को बराबरी का मौका नहीं मिला.

अर्जेंटीना में जन्मे कोच सेबास्टियन बेकासेसे के लिए यह जीत बेहद खास रही. वर्ल्ड कप में धीमी शुरुआत के कारण उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए दूसरी बार नॉकआउट राउंड में जगह बना ली. इससे पहले इक्वाडोर 2006 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 तक पहुंचा था.

यह 2013 के बाद किसी UEFA टीम के खिलाफ इक्वाडोर की पहली जीत भी है. ग्रुप E में जर्मनी और आइवरी कोस्ट के बाद तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद इक्वाडोर ने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली आठ टीमों में शामिल होकर नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली.

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप F में नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर सात अंकों के साथ टॉप स्थान हासिल किया. वहीं जापान और स्वीडन का मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, जिससे दोनों टीमें नॉकआउट में पहुंच गईं. जापान दूसरे स्थान पर रहा, जबकि स्वीडन सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर अगले दौर में पहुंचा.

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप F का रोमांचक सफर खत्म हो गया. नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर सात अंकों के साथ ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया. दूसरी ओर जापान और स्वीडन के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, जिससे दोनों टीमों ने भी नॉकआउट का टिकट हासिल कर लिया. ट्यूनीशिया को तीनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा और टीम बिना कोई अंक हासिल किए टूर्नामेंट से बाहर हो गई.

कैनसस सिटी में खेले गए मुकाबले में नीदरलैंड्स ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया. तीसरे मिनट में ट्यूनीशिया के कप्तान एलियस स्कीरी ने डेंज़ेल डमफ्रीस के क्रॉस को क्लियर करने की कोशिश में गलती से अपनी ही टीम के खिलाफ आत्मघाती गोल कर दिया.

सिर्फ चार मिनट बाद ब्रायन ब्रॉबे ने वर्जिल वान डाइक के हेडर और टिजानी रेइंडर्स की शानदार फ्री-किक मूव का फायदा उठाते हुए गोल दाग दिया. यह टूर्नामेंट में उनका तीसरा गोल था और नीदरलैंड्स 2-0 से आगे हो गया.

दूसरे हाफ में ट्यूनीशिया ने संघर्ष दिखाया. 54वें मिनट में हाज़ेम मस्तौरी ने हन्नीबल मेजब्री के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर स्कोर 2-1 कर दिया. हालांकि यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी.

62वें मिनट में टिजानी रेइंडर्स के एक और बेहतरीन कॉर्नर पर यान पॉल वान हेके ने हेडर के जरिए गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया और मुकाबला पूरी तरह नीदरलैंड्स के नाम कर दिया.

नीदरलैंड्स के गोलकीपर बार्ट वेरब्रुगेन ने तीन शानदार बचाव किए, जबकि ट्यूनीशिया के गोलकीपर आयमेन दाहमेन ने चार सेव कर हार का अंतर कम रखा. पूरे टूर्नामेंट में ट्यूनीशिया ने 12 गोल खाए और सिर्फ दो गोल ही कर सका. ग्रुप का दूसरा मुकाबला जापान और स्वीडन के बीच खेला गया, जो 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ. पहले हाफ में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, लेकिन दूसरे हाफ में मुकाबला रोमांचक हो गया.

56वें मिनट में रित्सु दोआन ने अयासे उएदा के साथ शानदार तालमेल दिखाया और दाइजेन माएदा को शानदार पास दिया. माएदा ने बिना गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर जापान को बढ़त दिला दी.