अंटार्कटिका ग्लेशियर के नीचे धधक रही है आग, 207 ज्वालामुखियों की खोज से मचा हड़कंप
चीनी वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका की मोटी बर्फ के नीचे कुछ पता लगाया है. चीन के वैज्ञानिकों की एक टीम ने बर्फ के नीचे दबे 207 ज्वालामुखियों की एक लिस्ट तैयार की है. 3 फरवरी को जारी हुई यह जानकारी दुनिया में अपनी तरह की पहली डिजिटल लिस्ट है जो बर्फ के नीचे छिपे इन ज्वालामुखियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा बताती है. इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि बर्फ के नीचे छिपे ये पहाड़ किस आकार के हैं और वे कहां-कहां फैले हुए हैं. अब तक वैज्ञानिकों के पास इनके बारे में इतनी सटीक जानकारी नहीं थी. अंटार्कटिका शांत और सफेद बर्फ से ढका हुआ दिखता है लेकिन हकीकत में इसके नीचे ज्वालामुखियों का जाल बिछा हुआ है. नई जानकारी के मुताबिक, यहां की बर्फीली चादर के नीचे 207 ज्वालामुखी छिपे हुए हैं. यह जानना बहुत जरूरी है कि ये ज्वालामुखी कहां है. अगर इनमें से कोइ फटता है तो आसपास की सारी बर्फ पिघल सकती है.
इस बड़ी खोज से पहले बर्फ के नीचे छिपे इन ज्वालामुखियों की जानकारी अलग-अलग जगहों पर बिखरी हुई थी और अधूरी थी. वैज्ञानिकों की टीम ने अब इस सारी जानकारी को एक जगह इकट्ठा कर दिया है जिससे पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इसका इस्तेमाल कर सकें. अब वैज्ञानिक ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाएंगे कि अंटार्कटिका की जमीन अंदर से कैसी बनी है.
बर्फ की कई किलोमीटर मोटी परतों के नीचे जब कोई ज्वालामुखी फटता है तो वह आम ज्वालामूखियों की तरह बाहर नहीं दिखता. बल्कि, वह अंदर ही अंदर बर्फ को पिघलाकर पानी का एक बहुत बड़ा तालाब बना देता है. यह पानी तेल की तरह काम करता है. इससे ऊपर जमी हुई बर्फ के बड़े ग्लेशियर फिसलने लगते हैं और बहुत तेजी से समुद्र में गिर जाते हैं.
