CG : जलती चिता की चिंगारी से भड़की आग, ग्रामीण का घर जलकर राख
कोरबा जिले के पौड़ी उपरोड़ा ब्लॉक अंतर्गत पचरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान चिता से उठी चिंगारी ने एक गरीब परिवार का आशियाना पलभर में उजाड़ दिया। यह घटना न सिर्फ एक दुर्घटना है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को भी उजागर करती है। गांव में 75 वर्षीय शिवनंदन सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज अंधड़ के साथ हवा चलने लगी। इसी बीच चिता से उठी चिंगारी हवा के साथ उड़कर पास ही स्थित उमेश सिंह के कच्चे मकान तक पहुंच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा घर धू-धू कर जलने लगा। तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया। आग लगने के समय घर में मौजूद उमेश सिंह और उनके दो बच्चों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उस वक्त उनकी पत्नी घर पर नहीं थीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी दस्तावेज और नकदी सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान जलकर राख हो गया और परिवार बेघर हो गया। घटना के बाद गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती गई। सीमित संसाधनों और पानी की कमी के कारण ग्रामीण आग पर काबू नहीं पा सके।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाट अक्सर रिहायशी इलाकों के पास होते हैं और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। तेज हवा या गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। श्मशान घाट और रिहायशी क्षेत्रों के बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जाए, अंतिम संस्कार के दौरान आग की निगरानी की व्यवस्था हो, तेज हवा या अंधड़ की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए, गांव स्तर पर प्राथमिक अग्निशमन संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
पचरा में हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गया है। एक छोटी सी चिंगारी ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी। अब जरूरत है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और किसी और परिवार को इस तरह का नुकसान न उठाना पड़े।
