राजनांदगांव में पहली ही बारिश में खुल गई 22 करोड़ के ओवरब्रिज की पोल…
राजनांदगांव। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में निर्माण गुणवत्ता की परीक्षा में फेल होते नजर आए। डोंगरगढ़-राजनांदगांव मार्ग पर हाल ही में शुरू हुए आलीवारा और बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर सड़क धंसने और लंबी-लंबी दरारें पड़ने से लोगों में नाराजगी है। महज पखवाड़े भर पहले लोकार्पित इन पुलों की हालत ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे गंभीर स्थिति बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर सामने आई है। यहां पुल के ऊपर करीब 70 से 100 मीटर तक लंबी दरारें पड़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़क सात फीट तक धंस गई है, जबकि किनारों की डामर परत भी उखड़ने लगी है। बारिश के बाद दरारें और चौड़ी होने से दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां ओवरब्रिज पर बनी सड़क ही बह गई है। कुछ स्थानों पर सड़क के नीचे गड्ढे बनने लगे हैं और किनारों का हिस्सा बैठ गया है। सुरक्षा के लिए प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग कर बंद किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन पुलों से वर्षों पुरानी जाम की समस्या खत्म होने की उम्मीद थी, वे पहली ही बारिश में जवाब देने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही यह स्थिति है तो आने वाले समय में पुलों की मजबूती को लेकर चिंता और बढ़ेगी। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी के साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
बारिश के कारण दोनों पुलों से आवागमन प्रभावित हुआ। कई वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन को भी इस स्थिति से अवगत कराया है और पुलों की तत्काल मरम्मत के साथ गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इधर, रेलवे और निर्माण एजेंसी की ओर से प्रभावित हिस्सों पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दरार और धंसान के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इन दोनों रेलवे ओवरब्रिज का उद्देश्य क्षेत्र में निर्बाध यातायात उपलब्ध कराना था, लेकिन पहली ही बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
