महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा: सरकारी कर्मियों की पत्नियों से होगी वसूली

छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिलासपुर जिले में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। सरकारी खजाने से हर महीने मिलने वाली राशि का लाभ अपात्र लोग उठा रहे थे। जांच में पाया गया कि जिले की शिक्षिकाएं और सरकारी कर्मचारियों की पत्नियां योजना की हितग्राही बनी हुई हैं। योजना के नियमों के अनुसार सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्य इसके पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बिलासपुर में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई। शिकायतें मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने गहन सर्वे करवाया। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने हितग्राहियों के परिवारों की पूरी जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। अकेले बिल्हा ब्लॉक में 11 ऐसे मामले पकड़े गए। पूरे जिले में यह संख्या 200 के पार पहुंच गई है।

मामला उजागर होते ही स्कूल शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया। बिल्हा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO – Block Education Officer) भूपेंद्र कौशिक ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने उनसे तुरंत राशि जमा करने को कहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि राशि खुद जमा नहीं की गई तो वेतन से रिकवरी होगी। जिले के अन्य ब्लॉक में भी रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं।

महतारी वंदन योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक मदद देना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी और विवाहित होना अनिवार्य है।

आवेदन वर्ष की 1 जनवरी को महिला की उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं भी इसके लिए पात्र हैं।

योजना के तहत आयकर (IT – Income Tax) देने वाले परिवार पात्र नहीं हैं। इसके अलावा जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, उन्हें भी लाभ नहीं मिल सकता।

बिलासपुर के इस मामले में कर्मचारियों ने जानबूझकर गलत जानकारी दी। विशेषज्ञों के अनुसार यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी का मामला बनता है। प्रशासन अब पूरे जिले में सख्ती से जांच कर रहा है।