फ्री नाश्ता मिलते ही प्रदर्शनकारियों ने लगाए नारे, ‘एक चाय और 2 समोसा… दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा’

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों के लिए चाय-नाश्ते का इंतजाम चर्चा में है. हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को चाय, समोसे और पानी की बोतलें दी जा रही हैं. इसी दौरान का प्रदर्शनकारियों का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वे नारेबाजी कर रहे हैं और कह रहे हैं ‘एक चाय, 2 समोसा, दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा.’

जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के लिए खाने-पीने के इंतजाम के साथ ही उन्हें घर लौटने में मदद देने की व्यवस्था भी की गई. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक महिला प्रदर्शनकारियों और उनके साथ आए लोगों को रिठाला मेट्रो स्टेशन तक छोड़ने की सुविधा दी गई. वहीं, पुरुष प्रदर्शनकारियों के लिए भी डीटीसी बसों को रोका गया, ताकि उन्हें घर जाने के लिए साधन मिल सके.

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के लिए चाय, समोसे और पानी की बोतलों का इंतजाम किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए नारे ने खास ध्यान खींचा. ‘एक चाय और 2 समोसा… दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा’ जैसे नारों के जरिए प्रदर्शनकारियों ने माहौल को हल्का बना दिया.

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच चाय-समोसे के इस इंतजाम और प्रदर्शनकारियों के नारों का मामला चर्चा में है. जिसका वीडियो भी कई लोग शेयर कर रहे हैं.

ACP बवाना गौरव ने बवाना स्टेडियम में सभी इंतज़ामों की कमान संभाली और प्रदर्शनकारियों के लिए हर तरह की सुविधा सुनिश्चित की, जैसे कि मुफ़्त और अनलिमिटेड रिफ्रेशमेंट – चाय, समोसा और पानी की बोतलें. महिला प्रदर्शनकारियों और उनके साथियों को रिठाला मेट्रो स्टेशन तक छोड़ने की सुविधा आदि.

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांगों के बीच उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ जंग लड़ रही है.

X पर एक तीखी पोस्ट में दिपके ने लिखा, “युवाओं पर हमले हो रहे हैं, पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं, यहां तक ​​कि दिल्ली पुलिस सांसदों पर भी हमले कर रही है. ज्ञानेश कुमार मोदी के लिए इतने ज़रूरी क्यों हैं कि वह उन्हें बचाने के लिए हर किसी से लड़ने को तैयार हैं?”

शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले दिपके को CJP नेताओं आशुतोष रंका और सौरव दास के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था. उन्हें रविवार को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक “शांति भंग” नहीं करेंगे.