दुर्ग जिले के सभी ब्लॉक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग को शुरुवात

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अब दुर्ग जिले के हर ब्लॉक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे। यहां होनहार युवा पीएससी, पुलिस भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। दुर्ग जिला मुख्यालय में भी कोचिंग संस्थान खोलने जाएगा। इसके साथ ही यहां 20 लाख रुपए की लागत से मैथिलीशरण गुप्त वाचनालय का रिनोवेशन किया जा रहा है। यहां प्रतिभागी छात्रों को किताबें व स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।

डीएमएफ फंड से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग संस्थान संचालित होने से प्रतिभागी अपने ब्लाक मुख्यालयों में पीएससी सहित नीट, इंजीनियरिंग व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेगा। यहां उसे अनुभवी अध्यापकों का मार्गदर्शन मिलेगा। कोचिंग के दौरान छात्र को किताबों की कमी न महसूस हो इसके लिए कोचिंग में ही लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। जिला मुख्यालय में स्थित मैथिलीशरण गुप्त वाचनालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष रूप से किताबें और अन्य स्टडी मटेरियल रखे जाने की तैयारी की जा रही है।

इस लाइब्रेरी में एक साथ 50 स्टूडेंट्स बैठकर पढ़ सकेंगे। डीएमएफ की बैठक में कलेक्टर डॉ. एसएन भुरे ने इस ओर जेती से कार्य किए जाने की बात कही। इस कार्य में किसी भी तरह की वित्तीय बाधा न आए इसके लिए कलेक्टर डीएमएफ फंड से 41 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव दिया है।

दुर्ग जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मिलकर जिले में एनडीए के लिए एक कोचिंग का संचालन किया था। इस कोचिंग में पढ़कर भिलाई के एक गरीब परिवार के बेटे देवेंद्र साहू ने इस परीक्षा को पास किया। पूरे राज्य से देवेंद्र ने अकेले यह परीक्षा पास की। उसकी उपलब्धि से जिले का नाम रोशन हुआ। इस उपलब्धि को और बड़ा करने के लिए कलेक्टर ने इस बार और अधिक ध्यान दिया है।