रणवीर सिंह पर नॉन-कोऑपरेशन का फैसला FWICE ने वापस लिया, अशोक पंडित बोले- एक्टर पर बैन नहीं लगा था
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया है। बुधवार को FWICE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आधिकारिक बयान में कहा कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के हस्तक्षेप और अपील के बाद यह फैसला लिया गया है। संगठन ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में एकता, सहयोग और सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसी उद्देश्य से मामले को बातचीत और आपसी समझ के जरिए सुलझाने का निर्णय लिया गया।
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कहा कि FWICE ने कभी भी रणवीर सिंह पर बैन नहीं लगाया था। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस मामले को बैन के तौर पर पेश न किया जाए, क्योंकि इससे कन्फ्यूजन पैदा होता है।
अशोक पंडित ने कहा कि FWICE के पास किसी को बैन करने का अधिकार नहीं है। संगठन केवल “नॉन-कोऑपरेशन” यानी सहयोग न करने का फैसला ले सकता है। उनके मुताबिक, यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है कि कोई तकनीशियन, वर्कर, निर्माता या कलाकार किसी व्यक्ति के साथ काम करना चाहता है या नहीं।
FWICE ने 25 मई 2026 को रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था।
यह पूरा विवाद रणवीर सिंह के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा था। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर सिंह प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की थी। मंगलवार को रणवीर सिंह ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को लीगल नोटिस भेजा है। ऐसा दावा एनडीटीवी की रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि, नोटिस में एक्टर ने क्या मांगें रखी हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई थी।
फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते विवादों के बीच प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि हाल के दिनों में कई एक्टर, डायरेक्टर और टेक्नीशियन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले अपने कमिटमेंट से पीछे हट रहे हैं, जिससे प्रोड्यूसर्स को भारी फाइनेंशियल नुकसान हो रहा है।
गिल्ड ने कहा कि उसे अपने सदस्यों एक्सेल एंटरटेनमेंट और पैनोरमा स्टूडियोज से भी ऐसी ही शिकायतें मिली थीं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि प्रोजेक्ट की रिलीज से कुछ दिन पहले किए गए बदलावों से फिल्मों को नुकसान हुआ है।
बयान में कहा गया कि इससे फिल्मों की साख, ब्रांड वैल्यू और सैकड़ों तकनीशियनों व क्रू मेंबर्स की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ता है। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे अपने विवाद बातचीत और आपसी समझ से सुलझाएं।
