धमतरी जिले में गजराज का आतंक, 2 दिन में 3 को कुचलकर मार डाला

क्षेत्रीय

छत्तीसगढ़ में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। धमतरी में रविवार को हाथी के हमले से फिर एक युवती की जान चली गई है। 48 घंटे में हाथी 3 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। दो हाथी झुंड से अलग होकर गांव से लगे जंगल में मौजूद है। वन विभाग ने गांव में मुनादी कराई है कि जंगल में लकड़ी, महुआ आदि बीनने कोई न जाए। रात के समय घरों में बत्तियां जलाकर उजाला रखें। गजराज के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।

नगरी ब्लॉक से लगे सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व एरिया के बिरनासिल्ली जंगल के कक्ष क्रमांक 352 में रविवार को सुखबाई कमार (25 वर्ष) को हाथी ने कुचल दिया है। युवती की मौके पर ही मौत हो गई। हाथी ने इससे पहले शनिवार को ग्राम पांवद्वार जंगल के कक्ष क्रमांक 348 में लकड़ी इकट्ठा कर रहे महिला व पुरुष पर हमला किया था। ग्राम पंचायत पाइकभाटा निवासी महिला भूमिका मरकाम (38 वर्ष) और पांवद्वार निवासी बुधाम नेताम (45 वर्ष) को सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। वहीं लकड़ी इकट्ठा कर रहीं 8 महिलाओं ने भागकर अपनी जान बचाई थी।

जंगल में नहीं जाने कराई मुनादी
हाथियों के हमला करने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। वन परीक्षेत्र अधिकारी जीएस राजपूत, रामाराव बघेल ने मृतकों के परिजनों को वन विभाग द्वारा 25-25 हजार की तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराई। सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक अरुण जैन ने बताया कि दो हाथी 3 दिन पहले झुंड से अलग हो गया है और आसपास के जंगलों में अकेले भटक रहा है। गांव में मुनादी कराई गई है कि जंगल में कोई न जाए। वहीं हाथियों की मौजूदगी वाले स्थानों में आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। वन विभाग के कर्मचारी निगरानी भी कर रहे हैं।