GST Collection ने फिर बनाया रिकॉर्ड, 2020 के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा कलेक्शन

राष्ट्रीय

कोविड-19 की तीसरी लहर कमजोर पड़ने के साथ भारत में आर्थिक गतिविधियां (इकोनॉमिक एक्टिविटीज) पटरी पर लौटती नजर आ रही हैं. जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) का मार्च महीने का डेटा इस बात की ओर इशारा कर रहा है. वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च महीने में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.42 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

2020 के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा कलेक्शन

मंत्रालय ने कहा है कि मार्च 2022 के जीएसटी कलेक्शन का डेटा पिछले साल के मार्च महीने की तुलना में जीएसटी संग्रह में 15 फीसदी की बढ़ोतरी को दिखाता है. वहीं, यह मार्च 2020 के मुकाबले जीएसटी कलेक्शन में 46 फीसदी के उछाल को दर्शाता है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है, “मार्च 2022 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन नए उच्च स्तर पर पहुंच गया और इसने जनवरी 2022 के 1,40,986 करोड़ रुपये के पूर्व के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.”

कलेक्शन के सोर्स के बारे में जानिए

मार्च 2022 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1,42,095 करोड़ रुपये पर रहा. इनमें CGST के जरिए सरकार को 25,830 करोड़ रुपये, SGST के माध्यम से 32,378 करोड़ रुपये, IGST के जरिए 74,470 करोड़ रुपये (सामान के आयात से होने वाली 39,131 करोड़ रुपये की आमदनी सहित) और सेस के रूप में 9,417 करोड़ रुपये (सामान के इम्पोर्ट से होने वाली 981 करोड़ रुपये की आमदनी सहित) की आमदनी हुई.

चौथी तिमाही में सबसे बढ़िया कलेक्शन

फाइनेंशियल ईयर 2021-22 की चौथी तिमाही में औसत मासिक सकल जीएसटी संग्रह (एवरेज मंथली ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन) 1.38 लाख करोड़ रुपये पर रहा. पहली तिमाही में यह औसत 1.10 लाख करोड़, दूसरी तिमाही में 1.15 लाख करोड़ और तीसरी तिमाही में 1.30 लाख करोड़ रुपये पर रहा था.

इस तरह हुआ सेटलमेंट

मार्च के महीने में सरकार ने आईजीएसटी में से 29,816 करोड़ रुपये CGST में और 25,032 करोड़ रुपये का सेटमलमेंट किया है. रेगुलेर और एड-हॉक सेटलमेंट के बाद मार्च 2022 में केंद्र की कुल आमदनी 65,646 करोड़ रुपये और राज्य की कुल आय 67,410 करोड़ रुपये रही.

मंत्रालय ने कहा है, “इकोनॉमिक रिकवरी और चोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई, खासकर फेक बिलर्स के खिलाफ एक्शन से जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है. इंवर्टेड ड्युटी स्ट्रक्चर को करेक्ट करने के लिए काउंसिल द्वारा रेट को तर्कसंगत बनाए जाने के लिए उठाए गए कई कदमों से रेवेन्यू में सुधार देखने को मिला है.”