गुजरात : राजकोट में 1489 अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 87000 वर्ग मीटर जमीन होगी खाली

गुजरात : राजकोट नगर निगम (RMC) ने सोमवार को शहर के जंगलेश्वर इलाके और आजी नदी के किनारे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया. इसके तहत दोनों जगहों से 1,489 अवैध घर हटाए जा रहे हैं. ध्वस्तीकरण अभियान सुबह 7 बजे से शुरू किया गया. इसके बाद बुलडोजर ने तोड़फोड़ शुरू दी. नगर निगम ने पूरे इलाके को सात जोन में बांटा है, हर जोन को एक क्लास-1 ऑफिसर के तहत रखा गया है, जबकि चार सिटी इंजीनियर ध्वस्तीकरण टीमों को लीड कर रहे हैं. नगर निगम कमिश्नर तुषार सुमेरा एक खास तौर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से इस काम की देखरेख कर रहे हैं, जो सभी जोन से रियल-टाइम अपडेट ले रहा है ताकि समन्वय और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. नगर निगम के 1,130 से अधिक ऑफिसर और स्टाफ को मौके पर तैनात किया गया है. इस अभियान में 260 से अधिक गाड़ियां और मशीनें शामिल हैं, जिनमें 84 जेसीबी, 84 ट्रैक्टर, सात हिताची एक्सकेवेटर, 50 ट्रैक्टर-माउंटेड ब्रेकर, 42 गैस कटर और 14 डंपर शामिल हैं.

नगर निगम का अनुमान है कि 87,000 वर्ग मीटर ज़मीन खाली कराई जाएगी – 55,000 वर्ग मीटर नदी के किनारे और 32,000 वर्ग मीटर टीपी रोड स्कीम के तहत. राजकोट के पुलिस कमिश्नर ब्रजेश कुमार झा ने मीडिया को बताया कि सुबह 10 बजे तक 455 ढांचे गिरा दिए गए थे. उन्होंने कहा, “पहचाने गए लगभग 1,500 घरों में से 455 को अब तक गिरा दिया गया है. हम कड़ी निगरानी कर रहे हैं ताकि यह शांति से और कानून के मुताबिक हो.”

उन्होंने पुष्टि की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लगा दी गई है. उन्होंने कहा, “शहर की पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और स्टेट होम गार्ड समेत अलग-अलग बलों के करीब 3,000 जवान तैनात किए गए हैं.” ध्वस्तीकरण के दौरान अधिकारी ड्रोन से इलाके की निगरानी कर रहे हैं, जबकि एक अलग ऑर्डर में 23 से 25 फरवरी तक प्राइवेट ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी गई है. 26 फरवरी तक चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी. साथ ही अधिकारियों ने पत्थरबाजी या बाधा डालने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी है.

पुलिस कमिश्नर झा ने कहा, “तोड़फोड़ के पीछे मुख्य कारण नदी के किनारे लंबे समय से चल रहा अवैध निर्माण, टाउन प्लानिंग स्कीम का उल्लंघन है. साथ ही कुछ बदनाम अपराधी इलाके में रह रहे थे.” पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों में, इलाके में शराब से जुड़े 276 मामले, जुए के 65 मामले, चार हत्याएं और हत्या की कोशिश के तीन मामले सामने आए हैं. इस दौरान 61 गैर-कानूनी हथियार भी जब्त किए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन से पहले 1,000 से अधिक परिवारों ने घरों को अपनी मर्जी से घर खाली कर दिए थे, जिनमें करीब 225 परिवार रविवार शाम तक चले गए थे.