गुजरात में गैस की किल्लत, प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे, लोग बोले- सिलेंडर ₹5 हजार में मिल रहा
अमेरिका-इजराइन की ईरान से जंग जारी है। इसका असर भारत पर भी नजर आ रहा है। एलपीजी गैस कि कमी से परेशान होकर गुजरात से प्रवासी मजदूरों और गुजरात में रेस्टुरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वाले अपने घर वापस लौटने लगे हैं। इनके अलावा गुजरात में रहने वाले यूपी-बिहार के हजारों स्टूडेंट्स को अपने घर लौट रहे हैं। सूरत में राज्य के अन्य रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों की भीड़ नजर आ रही है। लोगों ने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए पहले गैस ₹100 किलो मिलती थी, लेकिन अब ₹300-₹400 किलो मिल रही है। घरेलू सिलेंडर के रेट ₹5 हजार पहुंच गए हैं। फ्लैट में चूल्हा जलाने पर मनाही है। ऐसे में हम लोगों के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है।
टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं।
