गुजरात लव जिहाद: जैन बेटियों को लंदन भेजने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश!

क्या कोई प्यार के नाम पर अपनी पहचान छुपाकर किसी को इस कदर जाल में फंसा सकता है कि उसे सीधे सात समंदर पार भेज दे? गुजरात के वलसाड से सामने आया ये सनसनीखेज मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा ही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां ‘लव जिहाद’ और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का एक खौफनाक अंतरराष्ट्रीय गिरोह मिला है, जहां संपन्न जैन परिवारों की बेटियों को एक बेहद शातिर और नई ‘मोडस ओपरेन्डी’ के जरिए निशाना बनाया जा रहा था। इस खेल में सिर्फ झूठा प्यार नहीं दिखाया गया, बल्कि फर्जी पासपोर्ट और जाली शादियों के दम पर लड़कियों को सीधे लंदन पार कराया जा रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे खेल की शुरुआत वलसाड जिले से हुई। गिरोह के मुख्य आरोपी ने जो कथित तौर पर दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखता है, अपनी असली धार्मिक और सामाजिक पहचान छुपाई। उसने खुद को जैन समुदाय का लड़का बताकर वलसाड की एक युवती को अपने जाल में फंसाया। जब लड़की पूरी तरह उसके प्रभाव में आ गई, तो उसने शादी का झांसा देकर आगे की बड़ी साजिश को अंजाम देना शुरू किया।

पुलिस जांच में जो सबसे हैरान करने वाली बात सामने आई है, वह है इन अपराधियों के काम करने का नया और हाई-टेक तरीका। अब तक ऐसे मामलों में लड़कियों को देश के भीतर ही कहीं छुपा दिया जाता था, लेकिन इस बार गिरोह ने सीधे लंदन कनेक्शन का इस्तेमाल किया। आरोपियों का मकसद लड़की को भारत से इतनी दूर भेज देना था, जहां से उसका वापस लौट पाना या परिवार का उस तक पहुंच पाना कानूनी रूप से लगभग नामुमकिन हो जाए।

लड़की को विदेश भेजने के लिए इस नेटवर्क ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का सहारा लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जाली पासपोर्ट, फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट और अन्य सरकारी कागजात तैयार किए। इन नकली दस्तावेजों के आधार पर ही ब्रिटिश एम्बेसी को गुमराह करके लड़की का लंदन का वीजा हासिल किया गया और उसे यूके भेज दिया गया।

इस रैकेट के निशाने पर विशेष रूप से जैन समुदाय के संपन्न और संभ्रांत परिवारों की लड़कियां थीं। आरोपी जानते थे कि इन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है, जिससे वीजा प्रोसेस में आसानी होती है और फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के सहारे इन्हें आसानी से विदेश भेजा जा सकता है।

जैसे ही लड़की के अचानक लापता होने और इस जालसाजी की भनक पुलिस को लगी, वलसाड पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच और साइबर सेल तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी और इस रैकेट में जाली दस्तावेज तैयार करने वाले कुछ स्थानीय एजेंटों को धर दबोचा है। अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस रैकेट के तार लंदन में बैठे किन लोगों से जुड़े हैं और क्या गुजरात के अन्य जिलों से भी लड़कियों को इसी तरह शिकार बनाकर विदेश भेजा गया है?