गुरदासपुर गोलीकांड: 14 के खिलाफ मामला दर्ज

राष्ट्रीय

जमीन विवाद में गुरदासपुर के गांव फुलड़ा में सोमवार को गोलीकांड और खूनी झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद थाना भैणी मिआं खां की पुलिस ने कुल 14 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला गांव फुलड़ा की कांग्रेसी सरपंच लवली देवी के बयान पर दर्ज किया है। वहीं मंगलवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी गांव पहुंचे और घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस और कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए।

सोमवार को जमीन विवाद में शिकायतकर्ता सरपंच के पति सुखराज सिंह, जैमल सिंह, निशान सिंह, उमिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि घायल निर्मल सिंह को जालंधर के एक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सरपंच लवली देवी ने बताया कि उनके पति सुखराज सिंह खेतीबाड़ी करते थे, उनकी जमीन फुलड़ा के आसपास ही है।

सोमवार को पति गेहूं में पानी लगाने गए थे और खाना खेतों में ही लाने को कहा था। करीब 11 बजे वह खेत में खाना देने पहुंची तो नजदीक ही गांव के रहने वाले जैमल सिंह ने अपनी जमीन में लगे पापुलर के वृक्षों की कटाई शुरू की थी। जहां निशान सिंह, जसपाल सिंह काम कर रहे थे। जैमल सिंह का लड़का मनप्रीत सिंह वहां मौजूद था।

करीब साढ़े 11 बजे कीड़ी गन्ना मिल की तरफ से सफेद रंग की तीन बड़ी व दो छोटी कार, एक काले रंग की थार, एक नीले रंग का हॉलैंड फोर्ड व स्वराज ट्रैक्टर पर करीब 14 से 15 लोग वहां पुहंचे। इसमें निर्मल सिंह, झिरमल सिंह, उमिंदर सिंह, अर्शदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, हिमंत सिंह और गगनदीप सिंह निवासी खैहराबाद थाना दसूहा शामिल थे।

वह उन्हें जमीन बांटने को लेकर झगड़े के कारण पहले से ही जानती थी। बाकी रविंदर सिंह उर्फ माना सरंपच निवासी टेरकियाना, उसका छोटा भाई, रमेशा सिंह उर्फ विजय नंबरदार, लाड़ी निवासी वधाईयां, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा निवासी हरदोथले, अजय पाल उर्फ अंजू निवासी मांगट और नोनी लोहरिया कैंठा मोहल्ला निवासी दसूहा के बारे में उन्हें बाद में पता चला।

सभी ने राइफल, रिवाल्वर, पिस्तौल और अन्य तेजधार हथियार ले रखे थे। इसी दौरान निर्मल सिंह ने राइफल से सीधा फायर उनके पति सुखराज पर किया। इसके बाद सभी ने उनके पति पर फायरिंग शुरू कर दी। वह गेहूं के खेत में लेट गईं और जसपाल सिंह और मनप्रीत सिंह अपनी जान बचा कर भाग गए। उनके पति और निशान सिंह पर करीब 40 से 50 फायर कर उक्त आरोपी मौके से फरार हो गए। जब जाकर देखा तो उनके पति जमीन पर पड़े थे। जैमल सिंह की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि उनके पति और निशान सिंह जख्मी थे। लोगों की मदद से वह उन्हें अस्पताल ले गईं। जहां उन्हें मृत करार दिया गया था।