‘गुरु तेग बहादुर न होते, तो कोई न बचता…’, प्रकाश पर्व पर अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक ऐसा बयान दिया है जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. शाह ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि गुरु साहिब का सर्वोच्च बलिदान न होता तो आज भारत का अस्तित्व ही कुछ और होता. उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिंद दी चादर’ बताते हुए उनके उस अदम्य साहस को याद किया, जिसने मुगल आक्रांताओं के अत्याचारों के सामने भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा की थी. अमित शाह ने गुरु साहिब के बचपन के किस्सों को याद करते हुए बताया कि मात्र 13 वर्ष की आयु में करतारपुर साहिब के युद्ध में उन्होंने जिस वीरता से मुगलों का सामना किया, उसी के कारण आठवें गुरु ने उन्हें ‘तेग बहादुर’ (तलवार का धनी) नाम दिया था. शाह ने कहा कि गुरु जी ने बचपन से ही त्याग और वीरता के जो गुण दिखाए, वे आगे चलकर भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी ढाल बने. उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए औरंगजेब की क्रूरता को ललकारा और यातनाएं सहना स्वीकार किया, लेकिन अपना सिर नहीं झुकाया.
सिख धर्म के नौवें गुरु ‘हिंद दी चादर’ गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भारतीय संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म त्यागने के बजाय प्राण त्यागना उचित समझा। उन्होंने क्रूर शासकों के अन्याय और अत्याचार… pic.twitter.com/QNjTBRliPw
— Amit Shah (@AmitShah) April 7, 2026
गृह मंत्री ने उस ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया जब कश्मीरी पंडितों ने अपनी रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी के दरबार में गुहार लगाई थी. शाह ने बताया कि कैसे गुरु साहिब ने खुद आगे बढ़कर कहा कि अब किसी महापुरुष के बलिदान का समय आ गया है. इसके अलावा उन्होंने औरंगजेब की दिल्ली की सत्ता को चुनौती दी और धर्म परिवर्तन से साफ इनकार कर दिया. शाह के अनुसार, दिल्ली का चांदनी चौक और ‘शीशगंज गुरुद्वारा’ आज भी उस महान बलिदान का गवाह है, जिसे आने वाले पांच हजार सालों तक कोई हिंदुस्तानी नहीं भूल सकता. अमित शाह ने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अडिग रहकर करुणा व संवेदना की मिसाल कायम की. उन्होंने प्राण त्याग दिए लेकिन धर्म नहीं छोड़ा. गृह मंत्री ने कहा कि गुरु साहिब के उपकार इस देश पर इतने बड़े हैं कि उनका शुक्राना कभी अदा नहीं किया जा सकता. उनके जीवन की गाथा हर देशभक्त के मन में गर्व भर देती है और हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है.
