गुटखा-सिगरेट सस्ता हो जाएगा ? सरकार की कुछ और ही है तैयारी

जीएसटी काउंसिल की पिछले दिनों हुई बैठक में रेट कटौती पर बड़ा फैसला हुआ है। इस बैठक के दौरान चेहरे में लगाने वाले क्रीम से लेकर आइसक्रीम तक के रेट में भारी कटौती हुई है। कार से लेकर एसी तक सस्ती हो गई है। इसी के साथ सिगरेट और गुटखा जैसे ‘ सिन गुड्स ‘ पर भी लगने वाले कंपनशेसन सेस को खत्म करने का ऐलान किया गया है। इससे कुछ लोग समझ रहे हैं कि बीड़ी-सिगरेट-गुटखा आदि सस्ती हो जाएगी। आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं सरकार की तैयारी तो कुछ और ही है। बीडी-सिगरेट-गुटखा आदि पर पहले 28 फीसदी का जीएसटी और कंपनेशेसन सेस लगता था। इससे इन वस्तुओं पर टैक्स का रेट 100 फीसदी, कुछ पर तो 200 फीसदी तक हो जाता है। अब जबकि सरकार ने कंपनशेसन सेस हटाने का फैसला लिया है और ऐसी वस्तुओं के लिए 40 फीसदी का स्पेशल जीएसटी लगा दिया है तो लोग सोच रहे हैं कि बीडी, सिगरेट, गुटखा आदि सस्ते हो जाएंगे। लेकिन सरकार इन वस्तुओं पर अब और ज़्यादा टैक्स लगाने वाली है। सरकार इन वस्तुओं पर एक और टैक्स लगाने की सोच रही है। इसका संकेत सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने खुद दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार सिन गुड्स पर ज़्यादा टैक्स लगाना चाहती है। उन्होंने बताया है कि जब राज्यों को मुआवज़ा देने वाला सेस ख़त्म हो जाएगा, तो सरकार दूसरे तरीके से टैक्स लगाएगी। हालांकि, अभी यह साफ़ नहीं है कि यह टैक्स कैसे लगेगा और इससे मिलने वाला पैसा कौन इस्तेमाल करेगा।

अग्रवाल ने कहा है, “जब कर्ज़ चुका दिए जाएंगे, तो इन प्रोडक्ट्स पर GST की दर 40% हो जाएगी। हमने वादा किया है कि टैक्स कम नहीं होगा। इसलिए, हम 40% GST का पूरा इस्तेमाल करेंगे और बाकी टैक्स दूसरे तरीकों से लगाया जाएगा।” हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है लेकिन, महंगी गाड़ियों और बाइक्स पर यह एक्स्ट्रा टैक्स नहीं लगेगाइन पर सिर्फ 40% टैक्स ही लगेगा। इसके आगामी 22 सितंबर से लागू होने की घोषणा हुई है।

अभी सिन गुड्स पर टैक्स (GST और सेस मिलाकर) 60-80% तक लगता है। कुछ चीज़ों पर यह 160-200% तक भी है, जैसे कि गुटखा और जर्दा। टोबैको और टोबैको प्रोडक्ट्स पर अभी जीएसटी तो 28 फीसदी का ही है। सीबीआईसी के सूत्रों के अनुसार एक बार फिर से टोबैको प्रोडक्ट्स पर जीएसटी के अलावा कुछ सेस लगाया जा सकता है। दरअसल, GST काउंसिल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को यह तय करने का अधिकार दिया है कि GST की नई दरें कब से लागू होंगी और सिन गुड्स पर टैक्स लगाने का दूसरा तरीका क्या होगा।