‘हनुमान अंश’ छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री, पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण, यहां देखें कैबिनेट के बड़े फैसले
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और संस्कृति से जुड़े कई बड़े और जनहितैषी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है, जिससे राज्य के युवाओं और नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान सबसे अहम फैसले के रूप में राज्य की तृतीय श्रेणी सिविल सेवाओं (जैसे पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी) में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026’ को विधिवत अनुमोदित कर दिया गया है। इसके तहत नियुक्ति, सेवा शर्तें, भर्ती मापदंड और चयन प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित कर दी गई है।
अग्निवीरों को आरक्षण: तृतीय श्रेणी सिविल सेवाओं (पुलिस, वनरक्षक, जेल प्रहरी) में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण के नियम मंजूर।
अतिथि व्याख्याता नीति-2026: शासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के लिए संशोधित नीति को कार्योत्तर स्वीकृति, मूल निवासियों को प्राथमिकता।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री: मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप फिल्म के प्रदर्शन पर एसजीएसटी (SGST) की प्रतिपूर्ति का अनुसमर्थन।
अतिथि व्याख्याता नीति में बड़ा बदलाव
शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में जरूरी संशोधन करते हुए अब नई ‘अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ को कार्योत्तर मंजूरी दी गई है। इस नई नीति के तहत स्पष्ट किया गया है कि मेरिट सूची में समान अंक होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, राजकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रति सत्र न्यूनतम 5 माह के अध्यापन पर 5 अंक (अधिकतम 30 अंक) दिए जाने का प्रावधान किया गया है। विस्थापित व्याख्याताओं की विसंगतियों को दूर करते हुए कालखंड के स्थान पर अब ‘कार्य-दिवस आधारित’ मानदेय व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बीते दिनों की गई घोषणा के परिपालन में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन पर लगने वाले एसजीएसटी (SGST) के समतुल्य धनराशि सिनेमाघरों को प्रतिपूर्ति करने से जुड़े वाणिज्यिक कर विभाग के आदेश का भी कैबिनेट ने अनुसमर्थन कर दिया है। इन तमाम फैसलों से राज्य में प्रशासनिक सुगमता और रोजगार के नए रास्ते प्रशस्त होंगे।
