‘अशोक सर पीछे पड़ जाते थे’, धर्मशाला कॉलेज की पूर्व स्टूडेंट की मौत, 3 छात्राओं और प्रोफेसर पर FIR..जाने मामला
धर्मशाला : ‘अशोक सर, बहुत बुरे सर थे. वो पीछे पड़ जाते थे और अजीब-अजीब हरकतें करते थे और शरीर को टच करते थे. ’ अस्पताल के बेड पर छात्रा ज्यादा बोल नहीं पा रही है. हालांकि, बार-बार महिला उनसे पूछती है तो छात्रा रुक रुक कर आरोप लगाती हैं. छात्रा ने बताया कि एक दीदी ने मुझे बोतल से मारा था. इस दौरान एक आरोपी छात्रा ने कहा कि मुझे पढ़ने नहीं देती थी. मामला हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला का है, जहां पर डिप्रेशन के चलते एक कॉलेज की पूर्व छात्रा की मौत हो गई. तीन महीने से छात्रा का इलाज चल रहा था. अब कॉलेज की 3 छात्राओं पर रैंगिंग और प्रोफेसर पर प्रताड़ना के आरोप में केस दर्ज किया गया है.
जानकारी के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 75, 115 (2), 3 (5) और एंटी रैंगिग कानून की धारा-3 के तहत केस दर्ज किया गया है. छात्रा के पिता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है. पिता की शिकायत के अनुसार, 19 वर्षीय बेटी धर्मशाला कॉलेज में सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी. 18 सितंबर 2025 को कॉलेज की 3 छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट और डराया धमकाया था.
धर्मशाला के सिद्धबाड़ी के पास के रहने वाले पिता ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्रोफेसर ने बेटी के साथ अश्लील हरकतें की. इस वजह से बेटी मानसिक रूप से बीमार हो गई और फिर उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई. पिता ने बताया कि कई अस्पतालों में बेटी का इलाज करवाय. हालांकि, 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पिता ने कहा कि बेटी की बीमारी की वजह से वह पुलिस को मामले की सूचना नहीं दे पाए थे. हालांकि, 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी.
छात्रा के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसमें एक वीडियो में छात्रा की मां कॉलेज के स्टॉफ के बारे में उससे पूछती है तो छात्रा कहती है कि अशोक सर अच्छे हैं. ऐसे में पूरे मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं. गौरतलब है कि एक वीडियो अस्पताल का है और दूसरा किसी अन्य जगह का लग रहा है. धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि पिछले साल छात्रा कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ती थी. लेकिन वह फेल हो गई थी औऱ फिर सेकंड ईयर में दाखिले मांग कर रही थी. उन्होंने कहा कि फेल और आघे दाखिला ना मिलने के बाद से छात्रा परेशान और डिप्रेशन में थी. उन्होंने कहा कि छात्रा के परिजनों ने रैगिंग और अन्य किसी तरह की शिकायत नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि कॉलेज के टीचर्स ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे औऱ मौखिक में इसकी जानकारी दी थी. उधर,एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने कहा कि छात्रा के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है और आरोपियों से पूछताछ की जाएगी. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
प्रिसिंपल ने बताया कि छात्रा ने फेल होने के बाद फिर से फर्स्ट ईयर में दाखिले के लिए फीस जमा नहीं करवाई थी. उन्होंने कहा कि जिस टीचर पर आरोप लग रहे हैं, वो खुद बैगवर्ड क्लास से आते हैं. वहीं, रैगिंग के सवालों पर उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पहले शिकायत आई है, हमारे पर शिकायत नहीं की गई थी.
पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई ना करने के आरोप लगे हैं और इस पर एएसपी वीर बहादुर ने कहा कि मामले पुलिस की तरफ से कई बार परिजनों से संपर्क किया गया था. लेकिन परिजनों ने कहा कि वह अभी शहर में नहीं हैं. इस मामले में आरोपी छात्राओं के बयान भी दर्ज किए गए थे.
इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सवाल उठाए और कहा कि कांगड़ा में बिटिया की मृत्यु अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है. बिटिया की आत्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को धैर्य दें.
इस मामले में शुरू से पुलिस के लापरवाही की बात सामने आ रही है। जो बहुत शर्मनाक है. अतः पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय-निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे बिटिया को न्याय मिल सके.
