‘चोर-चोर’ के नारे लगा हेडमास्टर को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा!’ छात्रों का VIDEO वायरल, एक्शन में आई बंगाल सरकार

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिला स्कूल से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरी शिक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है. शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) के पावन अवसर पर आयोजित एक दावत के दौरान कुछ छात्रों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए अपने ही हेडमास्टर धर्मचंद बुरुई को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने की कोशिश की और उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए. इस दौरान धक्का लगने से हेडमास्टर जमीन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और बवाल बढ़ने के बाद राज्य सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है. राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी छात्रों को स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमाने का बड़ा फैसला सुनाया है. पूरा विवाद शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूल में आयोजित मिड-डे मील की विशेष दावत के दौरान शुरू हुआ. जानकारी के मुताबिक, मिड-डे मील की रसोई के भीतर कुछ छात्र पंखा चलाकर कुर्सियों पर ठाट से बैठे हुए थे. जब स्कूल के हेडमास्टर धर्मचंद बुरुई वहां पहुंचे, तो उन्होंने छात्रों को रसोई से बाहर जाने और नियमों का पालन करने के लिए कहा. इसी बात पर छात्र भड़क गए. आरोपी छात्रों का दावा था कि हेडमास्टर ने उनके साथ हाथ उठाया, जिसके बाद मामला शांत होने के बजाय और ज्यादा हिंसक हो गया.

देखते ही देखते गुस्साए छात्रों के एक समूह ने अनुशासन को ताक पर रख दिया. आरोपी छात्रों ने हेडमास्टर को निशाना बनाते हुए पूरे स्कूल परिसर में ‘चोर-चोर’ के उग्र नारे लगाने शुरू कर दिए और उन्हें पीटने के इरादे से उनके पीछे दौड़ पड़े. जान बचाकर भागने की कोशिश में हेडमास्टर को जोरदार धक्का लगा, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं.

 

स्थिति इतनी ज्यादा तनावपूर्ण हो गई कि हेडमास्टर को अस्पताल ले जाने आई गाड़ी को भी उग्र छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा. बाद में स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर हालात पर काबू पाया और घायल हेडमास्टर को जलपाईगुड़ी अस्पताल में भर्ती कराया.

घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने और राज्य सरकार की किरकिरी होने के बाद शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने खुद जलपाईगुड़ी जिला स्कूल का दौरा किया. उन्होंने स्कूल में काफी वक्त बिताया और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की. शिक्षा मंत्री ने स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और अन्य छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने आम छात्रों का तनाव कम करने के लिए उनसे हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत भी की और पूछा कि भारी बैग लेकर स्कूल आने में उन्हें कितनी परेशानी होती है.

राज्य सरकार ने इस पूरी घटना को बेहद अवांछनीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने स्पष्ट किया कि स्कूल में इस तरह की अनुशासनहीनता और शिक्षकों पर हमले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कड़ा संदेश देते हुए उपद्रवी आरोपी छात्रों को जलपाईगुड़ी जिला स्कूल से निष्कासित कर उनकी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) काट दी गई है.

हालांकि, शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ किया कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह बर्बाद न हो, इसलिए उन्हें राज्य के अन्य दूसरे स्कूलों में दाखिला (Admission) लेने की अनुमति रहेगी.