यूरोप में हीटवेव : फ्रांस में हजारों की मौत, जर्मनी में चटक गई सड़कें

पूरा यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 24 जून से जारी जबरदस्त हीटवेव के दौरान आशंका से 1,000 अधिक मौतें हुईं। मरने वालों में ज्यादातर लोग 65 साल या उससे अधिक उम्र के थे। देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि पिछले महीनों में दर्ज की गई मौतों की संख्या की तुलना में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें देखी गईं, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये आंकड़े शुरुआती हैं और असल संख्या इससे अधिक हो सकती है। जर्मनी इन दिनों बेतहाशा गर्मी पड़ रही है। यहां भीषण गर्मी के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों और नेशनल हाइवे के टूटने की खबरें आ रही है। भीषण गर्मी के कारण डामर और बिटुमेन पिघल गए हैं और पटरिया आवागमन के लिए अनुपयुक्त हो गई हैं। जिसके चलते ट्राम सेवाएं रोक दी गई हैं।

वहीं, जर्मनी के जंगलों में आग लग गई है। जर्मनी में रविवार को पूर्वी सैक्सनी के कुबशुट्ज में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। रात के तापमान का यह रिकार्ड सैक्सनी-एनहाल्ट के माकरन-ड्र्यूविट्ज में दिन के तापमान के 41.5 डिग्री सेल्सियस के रिकार्ड के कुछ ही घंटों बाद बना। पूर्वी जर्मनी के गोहरिशहाइड में जंगल के बड़े भाग में आग लग गई है। इसी तरह, दक्षिण-पश्चिम जर्मनी में ट्राइसेन के पास आग बुझाने का बड़ा ऑपरेशन चल रहा था। यहां बिना फटे विस्फोटक मौजूद थे। उनमें धमाके होने के बाद आग बुझाने का काम रोकना पड़ा और विस्फोटक निरोधक दस्ते को बुलाया गया।
गर्मी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बर्लिन में शनिवार को 500 अतिरिक्त एंबुलेंस भेजी गईं, जिनमें से ज्यादातर मामले गर्मी से जुड़े थे।

बर्लिन पुलिस ने आमलोगों और पर्यटकों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने दो बड़े वाटर कैनन लगाए। ग्रीस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी ने रविवार को देश के पांच इलाकों में आग लगने के खतरे की चेतावनी दी।