पंजाब में हिंदू और सिख सुरक्षित नहीं, जमकर धर्मांतरण, नवी मुंबई पहुंचे अमित शाह ने जताई चिंता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंजाब में धर्मांतरण हो रहा है और उन्होंने भगवंत मान सरकार और आम लोगों से “लालच” से प्रेरित इस चलन को रोकने की अपील की। अमित शाह ने नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ स्मृति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरु तेग बहादुर के बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आज यहां कहा जा रहा है कि पंजाब में धर्मांतरण हो रहा है। गुरु तेग बहादुर ने दूसरों के धर्मों को बचाने के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया। उन्होंने अत्याचार सहे, लेकिन आज हम अगर कुछ लालच के कारण धर्म परिवर्तन करना पसंद करते हैं, तो हम अपने महान नेताओं के अनुयायी नहीं कहला सकते। पंजाब सरकार और पंजाब के समाज को धर्म परिवर्तन रोकना चाहिए। अमित शाह ने आगे कहा कि पंजाब सरकार, समाज और सभी धर्मों के लोगों को वहां हो रहे धर्मांतरण को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि अगर गुरु तेग बहादुर ने हिंदू धर्म को बचाने के लिए अपना बलिदान न दिया होता तो दुनिया में एक भी हिंदू नहीं बचता।
गृहमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने पहले इस कथन पर आपत्ति जताई थी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी को इस सत्य को स्वीकार करना चाहिए। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि गुरु ने घोर अन्याय और अत्याचारों का सामना किया और अपने से कहीं अधिक शक्तिशाली शत्रुओं से लड़ाई लड़ी। शाह ने कहा कि उनके बलिदान ने हिंदुओं को प्रेरित किया और उन्हें अपना संघर्ष जारी रखने का साहस दिया।
शाह ने मुगल शासक औरंगजेब का भी जिक्र किया। दावा किया कि जब जम्मू-कश्मीर में अत्याचार किए गए, तो कश्मीरी पंडितों ने गुरु से संरक्षण मांगा और आज भी उन्हें उच्च सम्मान देते हैं। गुरु तेग बहादुर ने कहा था कि अगर औरंगजेब मेरा धर्म परिवर्तन करा सकता है, तो सभी लोग धर्म परिवर्तन कर लेंगे। औरंगजेब ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने कहा कि विश्व भर में सनातन धर्म के अनुयायी सिख गुरु के प्रति कृतज्ञ हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि जब मुगल शासक औरंगजेब के समय हिंदुओं पर अत्याचार और जबरन धर्मांतरण की घटनाएं शुरू हुईं, तब समाज को गुरु तेग बहादुर साहेब की याद आई। उस कठिन समय में गुरुजी ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी रक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि औरंगजेब द्वारा गुरुजी पर अमानवीय अत्याचार किए गए, उन्हें प्रताड़ित किया गया, लेकिन गुरु तेग बहादुर साहेब ने धर्म त्यागने से इनकार कर दिया और अंततः उन्हें शहीद कर दिया गया।
