छत्तीसगढ़ में आईएएस और आईपीएस की आईपीएल की तरह लगती है बोली, पूर्व सीएम का बड़ा आरोप

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह मंगलवार को सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इसके बाद डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उससे आईएएस और आईपीएस की पोस्टिंग और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है. सिंह ने आईएएस और आईपीएस की तुलना आईपीएल से कर दी

सरकार माफियाओं के गिरोह में है- रमन सिंह
उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में आर्थिक लूट का राज चल रहा है. कोयले में 25 रूपए टन टैक्स लेने की परंपरा किसी राज्य में नहीं होगी. पर टन 25 रूपए लिए बिना छत्तीसगढ़ का एक किलो कोयला भी बाहर नहीं जा सकता है. गांव-गांव में, पान ठेले में, होटल में इस बात की चर्चा है. छत्तीसगढ़ का बच्चा-बच्चा ये जानता है. उन्होंने आगे कहा कि रेत में भी वही हाल है. प्रदेश में शराब माफिया काम कर रहे हैं. ये सरकार पूरी तरह से माफियाओं के गिरोह में हैं .

आईएएस और आईपीएस की आईपीएल की तरह लगती है बोली- रमन सिंह

इसके बाद डॉ. रमन सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कलेक्टर-एसपी के लिए वैसे ही ऑक्शन होता है जैसे कि आईपीएल मैच में बोली लगती है. उन्होंने इसी संदर्भ में आगे कहा कि कोरबा कलेक्टर की सबसे ज्यादा बोली लगेगी क्योंकि वहां डीएमएफ है. नंबर टू में रायगढ़ के कलेक्टर है जिसका रेट 10 करोड़ होता है लेकिन 7 करोड में मामला सेट हो जाता है. और कलेक्टरों की ये बोली परर्फार्मेंस देखकर आईपीएल कि तरह घटती बढ़ती भी रहती है.

उन्होंने कहा प्रदेश की ये हालत है कि 10 करोड में कलेक्ट्रेट बिक रहा है. एसपी का पोस्ट जुआ, सट्टा और अपराध कर रहा है. ये पूरा का पूरा ऑक्शन में जा रहा है कि कौन सबसे ज्यादा अपराध कर सकता है.