अंतरिक्ष में भारत-चीन की परीक्षा! शनिवार को आ रहा विशाल एस्टेरॉयड
शनिवार को एक विशाल एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। इसकी जानकारी यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) ने बुधवार को दी। उसने बताया कि इस एस्टेरॉयड से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। फिर भी भारत के ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA और दूसरे देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां इस एस्टेरॉयड पर नजर बनाई हुई हैं। बड़ी बात यह है कि मौसम साफ रहने पर अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इस एस्टेरॉयड को छोटे टेलिस्कोप या बडी दूरबीन से आसानी से देख सकेंगे। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, इस एस्टेरॉयड का नाम (152637) 1997 NC1 है। यह एस्टेरॉयड शनिवार को 11:14 GMT (भारतीय समयानुसार शाम 4:44 PM) पर पृथ्वी के सबसे नजदीक आएगा। इस दौरान एस्टेरॉयड (152637) 1997 NC1 और पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 2,560,000 किलोमीटर होगी। यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से छह गुना से भी ज्यादा है।
पृथ्वी के करीब से गुजरने के दौरान (152637) 1997 NC1 एस्टेरॉयड की गति लगभग नौ किलोमीटर प्रति सेकंड की होगी। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना को पहले ही खारिज कर दिया है। एस्टेरॉयड (152637) 1997 NC1 की खोज 1997 में की गई थी।
इस एस्टेरॉयड के आकार का अनुमान, उससे परावर्तित होने वाली सूरज की रोशनी के आधार पर लगाया गया है। इसके अनुसार, यह 750 से 1,650 मीटर चौड़ा हो सकता है। हालांकि, ESA ने एक बयान में कहा कि अन्य अनुमानों के अनुसार यह इससे छोटा भी हो सकता है।
ESA के प्लैनेटरी डिफेंस ऑफिस के जुआन लुइस कैनो ने एक बयान में कहा, “इस आकार की किसी वस्तु का पृथ्वी के इतने करीब आना कुछ ही वर्षों में एक बार होता है। हालांकि, इस बार सबसे करीब आने के समय, पास में मौजूद चमकीला चंद्रमा इसे देखने में बाधा डाल सकता है।” जिन लोगों के पास टेलिस्कोप या दूरबीन है, वे इसे उत्तरी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में इसके करीब आते समय देख सकेंगे। हालांकि, पृथ्वी के पास से गुजरते समय इसे लगभग हर जगह से देखा जा सकेगा।
