ईरान पर भारत की नई एडवाइजरी- सावधान रहें, सिर्फ जरूरी होने पर ही करें यात्रा
भारत ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वे ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें, भले ही वहां सुरक्षा हालात में कुछ सुधार होत हुआ नजर आ रहा है. तेहरान में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी एक नई एडवाइजरी में कहा गया है कि मिशन ईरान में सुरक्षा हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है. डिप्लोमैटिक स्तर पर हो रही हलचल से पता चलता है कि महीनों से चल रहे टकराव को खत्म करने के मकसद से हाल ही में घोषित किए गए समझौते को लेकर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अभी भी काफी मतभेद हैं.
एडवाइजरी में कहा गया है, “तेहरान में भारतीय दूतावास ईरान में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है. हालिया सकारात्मक घटनाक्रमों और कुल मिलाकर स्थिति में सुधार को देखते हुए, दूतावास उन भारतीय नागरिकों के लिए यह संशोधित एडवाइजरी जारी करना चाहता है, जो ईरान की यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं.”
भारतीय दूतावास ने मौजूदा वक्त में ईरान में रहने वाले भारतीयों या उन लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है, जिन्हें सफर करना जरूरी हो सकता है. एडवाइजरी में कहा गया है, “मौजूदा वक्त में ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों और जिनको ईरान की यात्रा करना जरूरी है, उन्हें हाई सिक्योरिटी की सावधानी बरतने, हर वक्त सतर्क रहने और लगातार जागरूकता बनाए रखने की सलाह दी जाती है.”
दूतावास ने ईरान में पहले से मौजूद सभी भारतीय नागरिकों और देश में आने वाले लोगों से मिशन के साथ अपनी जानकारी साझा करने को कहा गया है.
एडवाइजरी में कहा गया है, “अभी ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों और ईरान पहुंचने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द तेहरान में भारतीय दूतावास के पास अपनी जानकारी रजिस्टर कराएं.” नागरिकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपडेट और आगे की किसी भी एडवाइजरी के लिए दूतावास की ऑफिशियल वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखें.
भारतीय दूतावास की तरफ से यह एडवाइजरी ऐसे वक्त में आई है, जब कूटनीतिक बातचीत के बावजूद टकराव की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान ‘हमेशा के लिए’ परमाणु मुद्दे पर सहमत हो गया है और उन्होंने चल रही बातचीत को अच्छी तरह आगे बढ़ने वाला बताया. हालांकि, तेहरान ने वॉशिंगटन के कई अहम दावों पर असहमति जताई और कहा कि उसने परमाणु निरीक्षण को लेकर ऐसी कोई रियायत नहीं दी है. इसके साथ ही, उसने इस बात से भी इनकार किया कि बातचीत के दौरान उसके परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा हुई थी.
ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि वे इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के निरीक्षकों को देश में वापस बुलाने के लिए सहमत नहीं हुए हैं. दोनों पक्षों ने ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति तक पहुंच के बारे में भी अलग-अलग बातें कही हैं. हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अनफ्रीज किए गए फंड का इस्तेमाल अमेरिका से खाने-पीने का सामान और मेडिकल सप्लाई खरीदने के लिए किया जाएगा, लेकिन जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने कहा कि तेहरान खुद तय करेगा कि इस पैसे को कैसे खर्च करना है.
