भारत में बाल मृत्यु दर में 79% की भारी कमी, पीएम मोदी ने जताई खुशी
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट ने भारत की बाल स्वास्थ्य उपलब्धियों पर रोशनी डाली है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 से नवजात शिशु मृत्यु दर में 70 प्रतिशत और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 79 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। यह प्रगति भारत को वैश्विक पटल पर अग्रणी बनाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यूएन ने बच्चों की मौतों में तेज कमी के लिए भारत की सराहना की है। केंद्र और राज्यों द्वारा संचालित मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था ने इस सफलता का आधार तैयार किया है।
नवजात मृत्यु दर 1990 में 57 प्रति हजार जीवित जन्मों से घटकर 2024 में 17 रह गई। इसी तरह, पांच वर्ष से कम बच्चों की दर 127 से 27 हो गई। दक्षिण एशिया में 2000 से क्षेत्रीय मृत्यु दर 92 से घटकर 32 रह गई, जिसमें भारत का योगदान प्रमुख है। टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और एनआईसीयू की विस्तार योजनाओं ने निमोनिया, डायरिया जैसी बीमारियों से होने वाली मौतों को रोका। रिपोर्ट बताती है कि अधिकांश बाल मौतें टाला जा सकता था, और भारत के हस्तक्षेपों ने इसे साकार किया।
दक्षिण एशिया में नवजात मौतें 60 प्रतिशत और शिशु मौतें 75 प्रतिशत से अधिक घटीं। हालांकि क्षेत्र में वैश्विक मौतों का 25 प्रतिशत अभी भी होता है, लेकिन कमी की गति सबसे तेज है। भारत का मॉडल अन्य देशों के लिए प्रेरणा है।
